सरकारी काम में अवैध बजरी से निर्माण

भीलवाड़ा।


सुप्रीम कोर्ट की बजरी दोहन पर रोक होने के बावजूद शहर में सरकारी निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। रेलवे स्टेशन के गांधीनगर की तरफ बन रहे द्वितीय गेट के निर्माण के लिए बजरी के ढेर लगे हुए हैं। शहर का प्रमुख व व्यस्तम मार्ग होने के बावजूद सम्बन्धित महकमा आंखें मूंदे हुए है। शहर में विभिन्न सरकारी विभागों के निर्माण में भी बजरी काम आ रही है। बजरी की आपूर्ति मेंं लगे लोग मुख्य मार्गों के बजाए कॉलोनियों की गलियों व गांवों के रास्तों पर ट्रैक्टर दौड़ा रहे हैं। एेसे में हादसे भी बढ़ रहे हैं। पुलिस व खनिज विभाग की कार्रवाई असरकारक साबित नहीं हो रही है।

 

ये हैं जिम्मेदार
अवैध बजरी दोहन रोकने की जिम्मेदारी खान विभाग के साथ ही राजस्व, परिवहन, वन विभाग व पुलिस की है। यह बात दीगर है कि ये विभाग कभी कभार ही कार्रवाई कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि खान विभाग के अधिकारी एक रास्ते पर एक दिन में एक-दो ट्रैक्टर बजरी के पकड़कर दर्जनों रास्ते बजरी का अवैध परिवहन करने के लिए खुला छोड़ देते हैं। अधिकारियों का कहना है कि बजरी परिवहन को रोकना उनके बस की बात नहीं रही, क्योंकि उनके पास न तो साधन हैं और ना ही स्टाफ। ऐसे में कोई भी अधिकारी व कर्मचारी जोखिम लेने को भी तैयार नहीं है। इसके चलते ही जिले में अवैध रूप से बजरी का खुलेआम दोहन व परिवहन हो रहा है।