श्रीमद भागवत में साध्वी हंसादेवी सरस्वती ने कहा मुक्ति के लिए मिला मनुश्य जन्म

मेवाड़ किरण @ नीमच -

मनुश्य षरीर आत्मा मुक्ति के लिए मिला है इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए मानव जीवन में हमारे सभी कर्मो का फल मिलता है अच्छे कार्यो का सुफल और बुरे कार्यो का बुरा फल जीवन में जो कश्ट आते है वे हमारे कर्मो के दोश ही है कश्ट ईष्वर ने दिया है यह नहीं समझे उन्हें अपने कर्मो का फल माने। यह बात सुश्री साध्वी हंसादेवी सरस्वती ने कही वे श्रीपंचमुखी बालाजी मंदिर कानाखेड़ा के स्थापना दिवस पर श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव एवं अखण्ड रामायण पाठ ग्राम कानाखेड़ा में तृतीय दिवस षुक्रवार को श्रद्धालु भक्तों द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा में बोल रही थी उन्होंने कहां कि हमें हर क्षण सोचना चाहिए कि में ईष्वर के चरणों में रहता हूं जब हम रात में सोंए तब तकिये को प्रभु का चरण समझे भग्त हर दिन मंदिर में जाएं यह कठिन नहीं है भागवत में आने के बाद सोचे की प्रभु चरणों में बैठे है भागवत श्रवण के बाद चोर, जुआरी या अपराधियों के साथ नहीं रहे बल्कि अच्छे लोगों की संगत में रहे संगत ही आदमी को बनाती और बिगाड़ती है भागवत सुनने के बाद जीवन में अपनाना भी है। उन्होंने कृश्ण जन्म श्रीराम जन्म का वृतांत सुनाया और वहा पाप कपट और दुशित कर्म भगवान की भक्ति चक्र की तपस्या से कट जाते है। भागवत कथा आरती पौथी पूजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित थे। समीपवर्ती ग्राम कानाखेड़ा में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिवस जिले के साथ घसुण्डी बामनी, रेवली देवली, भादवामाता, केसरपुरा, नयागांव, बिसलवास कंला, बोरखेड़ी पानरी आदि ग्राम के श्रद्धालुओं की संख्या के सामने भक्ति पांडाल छोटा पड़ गया कथा के श्रीमद् भागवत पाठ को वाचन भी विद्ववान पण्डितों द्वारा किया जा रहा है।
पांडाल पड़ गया छोटा
साध्वी की कथा श्रवण के लिए उमड़े श्रद्धालुओं के कारण कथा भक्ति पांडाल भी छोटा पड़ गया कई लोगों ने खुले में सर्दि के चलते धुप में बैठकर कथा श्रवण का लाभ ग्रहण किया।

Source : Apna Neemuch