श्रमिक कार्ड के लिए ठेकेदार भी देते हैं फर्जी प्रमाण पत्र

भीलवाड़ा।
Labour Department फर्जी तरीके से मजदूर बन योजनाओं का लाभ लेने में कई ठेकेदार शामिल है। श्रम विभाग ने इनकी पहचान के लिए भौतिक सत्यापन शुरू किया। विभाग ने हाल में छात्रवृत्ति, प्रसूति योजना के आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया। इसमें श्रमिक ने जिस ठेकेदार के यहां काम किया, उसे फोन लगाया तो जवाब मिला वे इस नाम के श्रमिक को नहीं जानते हैं। इस पर विभाग ने आवेदन निरस्त कर दिए। सवाल यह है कि संबंधित ठेकेदार के यहां श्रमिक ने काम नहीं किया तो वह प्रमाण पत्र कहां से लाया। श्रम विभाग को आशंका है कि ई-मित्र केंद्रों पर दस्तावेज का गलत उपयोग हो रहा है। मनमर्जी से दस्तावेज लगा योजनाओं का लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। यही वजह है कि श्रम विभाग ने अब तक १२ हजार से अधिक आवेदन को निरस्त किया है।

Labour Department दो मामले, जिनकी होगी जांच
०१. श्रम विभाग ने एक शिकायत एेसी आई है, जिसमें एक व्यक्ति ने सामान्य मौत पर सहायता राशि का आवेदन किया है। राशि स्वीकृत हो चुकी है। कुछ लोगों ने शिकायत की है कि उस व्यक्ति की फांसी लगाने से मौत हुई है।

०२. एक महिला की बैंक पासबुक, एटीएम नंबर, आधार कार्ड के मूल दस्तावेज लगाकर किसी ने आवेदन कर लिया। हालांकि उस महिला को पता ही नहीं था। बाद में पता चला तो आवेदन निरस्त कर दूसरा आवेदन लिया।

रूझान बढ़ा तो फर्जीवाड़ा भी बढ़ा
Labour Department सरकार की श्रमिक कल्याण की कई योजनाएं हैं। इसे लेकर रूझान बढ़ा है। एेसे में कई लोग फर्जी तरीके से श्रमिक कार्ड बनवा रहे हैं। इसमें किसी ठेकेदार के अधीन ९० दिन काम जरूरी होता है। कई श्रमिक यह प्रमाण पत्र लेकर आवेदन कर रहे हैं। सांठगांठ से श्रमिक कार्ड बनवा रहे हैं। ७५ हजार श्रमिक कार्ड बन गए और अभी भी १९ हजार आवेदन लंबित है।

विभाग के नियमों में खामियां
श्रम विभाग ने ७५ हजार लोगों के श्रमिक कार्ड बना दिए हैं लेकिन अभी भी पूरी तरह श्रमिक नहीं मानता। इनमें से कोई भी श्रमिक योजना के लिए आवेदन करता है तो उसका फिर भौतिक सत्यापन होता है। इसमें नियोजक बोल देता है कि वे श्रमिक की नहीं जानते हैं तो वे आवेदन निरस्त हो जाता है। सवाल यह है कि जब श्रमिक कार्ड है तो फिर विभाग योजनाओं का लाभ क्यों नहीं देता है?

कई आवेदन निरस्त किए
कई ठेकेदार गलत तरीके से प्रमाणपत्र जारी कर देते हैं। एेसे मामले सामने आए हैं। अभी ७५ हजार से अधिक श्रमिक कार्ड बने हैं। हम उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने से पहले फिर सत्यापन करते हैं। इसमें कई आवेदन निरस्त किए हैं।
संकेत मोदी, श्रम उपायुक्त