शादी में दहेज की जगह दिए आम के पौधे

छोटीसादड़ी(प्रतापगढ़). लोग अपनी हैसियत को बढ़ा चढ़ा कर दिखाने और आयोजनों को यादगार बनाने के लिए कुछ हटकर करते हैं, लेकिन हाल ही में जलोदिया केलूखेड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र के जलोदिया खुर्द गांव में अनोखी शादी हुई। इस शादी में वधु पक्ष ने दहेज में बारातियों को आम के पौधे भेंट किए गए। यह शादी पर्यावरण की मिशाल बनकर सामने आई।
जलोदिया खुर्द के किसान देवीलाल पाटीदार ने अपनी पुत्री और पुत्र के विवाह समारोह को यादगार बना दिया। देवीलाल की बेटी पद्मा की शादी गत दिनों बड़ी साखथली के जितेन्द्र पाटीदार से हुई। दूल्हा-दुल्हन दोनों सीए हैं। देवीलाल ने देश विदेश में हो रही अनोखी शादियों से प्रेरणा लेते हुए अपने परिवार में भी सबसे अलग अंदाज में बेटी की शादी की। उन्होंने अपनी बेटी को दहेज में भौतिक सुख-सुविधा के सामान देने की बजाय पौधे देने का फैसला किया। अपने इस निर्णय से उन्होंने पहले अपनी बेटी पद्मा और फिर होने वाली दामाद और उनके परिजनों को अवगत कराया। दोनों ही परिवार इस फैसले पर सहमत हुए। दोनों ही परिवार शिक्षित थे। इस कारण दोनों ने समाज में फैल रही दहेज प्रथा को अपने घर से ही बंद करने का प्रण लिया। दोनों ही परिवारों ने आपस में बैठकर शादी में किसी भी प्रकार से दहेज नहीं लेने का निर्णय किया।
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कोलकाता से मंगवाए आम के पौधे
देवीलाल ने बताया कि दोनों परिवारों की सहमति के बाद उन्होंने कोलकाता से उत्तम क्वालिटी के आम के एक हजार पौधे मंगवाए और गत २५ जनवरी को हुई शादी में बारातियों और मेहमानों को ये पौधे बांटे। उन्होंने बताया कि आम के पौधे कलम वाले होने के साथ ही उत्तम क्वालिटी के होते हैं। इन पौधे के चलने की पूरी संभावना रहती है। आम फलदार वृक्ष होता है। इसका वैदिक महत्व भी है। इसलिए आम के पौधे ही बांटे गए। देवीलाल ने अपने पुत्र अनोखी लाल का विवाह भी बिना किसी दहेज के किया।