शहर वायदा करोबार पैर पसारता

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच। राजस्थान सीमा से सटे प्रदेश के नीमच जिले में मादक पदार्थ तस्करी के बाद अब अवैध वायदा करोबार ने भी अपनी जड़े जमा ली है। अवैध वायदा माफिया के डोडा-चूरा तस्करों के साथ मिलकर शहर में गैंग बनाकर काले धंधे को काफी उँचे पैमाने पर शुरू कर दिया है। जो सालों पहले मंडी में मुनिमगिरी करते थे वे करोडों के आसामी बन गए है। पटिए पर चलने वाले इस अवैध कारोबार ने कई नौजवानों की जिंदगी बर्बाद कर दी है। हमारे पास पुख्ता जानकारी मिली है] जो चौकाने वाली है। बताया जा रहा है कि डब्बा कारोबारियों का सीधे दुबई से कनेक्शन है। प्रतापगढ जिले के लाला पठान दुबई में ड्रग्सएअफीमए स्मैक जैसी खेप भेजते है और वहां से हवाले के जरिए पैसा नीमच के नामचीन दो नंबरी डब्बा कारोबारी मोनूए डॉलर और गोलू के पास आता है और यहां से लाला पठान पैसा लेते है। मंदसौर] नीमच और प्रतापगढ जिला अफ ीम बेल्ट के रूप में मशहूर है। डब्बा कारोबारी अवैध रूप से पटिए पर सौदे उतारते है और लोगों का भविष्य बर्बाद तो कर ही रहे है], वहीं साथ में अवैध वायदा कारोबादी सरकार को भी करोडों का चूना लगा रहे है। लाला पठानों तस्करों से सीधे कनेक्शन है। सरकार की जांच एजेंसियों की रडार पर ये पहली बार आए है और बचने के रास्ते देख रहे है। मोनू डॉलर और गोलू के पीछे पुलिस तंत्र भी सक्रिय हो गया है।

 


नीमच विधायक ने भी वायदा कारोबारियों के खिलाफ एसपी को भी शिकायत दी है। जिसमे लिखा गया है कि गोलू और डॉलर गैंग खूंखार तस्कर सरगनाओं के साथ सांठ-गाँठ कर डिब्बे के कारोबार से करोडो कमा चुके है और इन रुपयों का उपयोग अब गैंग बनाने में कर रहे है। जिससे शहर में बाहुबली तैयार हो सके। यहाँ अब डिब्बा माफिया बड़े पैमाने पर अपने कारोबार को बड़ा चुके है। डिब्बे के अवैध कारोबार से अर्जित करोडो की धन सम्पत्ति से राजस्थान के चौमहला और प्रतापगढ़ में बडे पैमाने पर डिब्बे के काले गौरखधंधे का काम हो रहा है। जिसके तार नीमच से जुडे है, वही चौमहला के डिब्बा कारोबारियों से संबंध रखने वाले किसी गोलू का नाम सामने आ रहा हैं। जिसनें कई युवाओ की जिंदगी बर्बाद कर इस डिब्बे के काले गौरखधंधे से अवैध रूपया कमाकर जमीनों की हेरा फेरी में लगा है। इनमें से कोई अधिकारियों को साधने में लगा रहता है तो कोई सफेदपोशों से सेटिंग रखता है।

 

शहर में खासकर यहां डिब्बा कारोबारी
शहर में खासकर टैगोर मार्ग स्थित कई कॉपलेक्स में डिब्बा व्यवसायियों ने अपनी दुकान चला रखी है। जिसमें सेंसेक्स के भाव उतार-चढ़ाव दर्ज कर पटिये पर व्यापार लिखते है। नीमच में सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के समानांतर चलने वाले इस कारोबार में दर्जन भर गैंग सक्रिय है। ् वायदा कारोबार को आम बोलचाल में डिब्बा व्यापार भी कहते हैं। सेबी इसके लिए लाइसेंस देती है, लेकिन यह डिब्बा माफि या सेबी के समानांतर अपनी व्यवस्था चलाते हैं और निजी तौर पर सौदे उतारते हैं।् आरटीआई कार्यकर्ता अमित शर्मा ने बताया कि डिब्बा कारोबार के मकडज़ाल में नीमच के हजारों नोजवान फंसे हैं। ये युवा जल्द अमीर बनने की कोशिश में रोज दांव लगाते हैं। लेकिन मिलता कुछ नहीं है। ऐसे में कर्जे में डूबे युवाओं की काले कारोबार ने जान तक ले ली है, लेकिन पुलिस इन डिब्बा माफियाओं पर आजतक शिकंजा नहीं कस पायी है।

 

पुलिस की अवैध कारोबारियों पर कड़ी नजर
अवैध वायदा कारोबारी राजस्थान में बैठकर अवैध व्यापार कर रहे है। यहां पर कोई कड़ी हाथ लगने पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करेगी। कुछ नामचीन वायदा कारोबारियों के मोबाइल ट्रेसिंग पर डाले गए है। जिन पर जल्द ही कार्रवाई होगी। अवैध कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और कानून व्यवस्था को बिगडऩे नहीं दिया जाएगा। अधिकांश जिन लोगों की सूचना मिली है, वह राजस्थान में बैठकर नीमच में व्यापार कर रहें हैं। जल्द ही टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी।
- नरेंद्र सिंह सोलंकी, सीएसपी नीमच