शहर के सात नालों को बन्द नहीं कर पा रही परिषद

भीलवाड़ा।


शास्त्रीनगर व आस-पास के क्षेत्रों से जुड़े सात गंदे नालों का पानी गांधीसागर में मिल रहा है। इसे रोकने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है। खास बात तो यह है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) भोपाल के आदेशों की पालना भी नहीं हो रही है। शास्त्रीनगर नाला व तालाब कचरे से अटा पड़ा है। गंदगी के चलते पानी भी जहरीला होता जा रहा है। गांधीसागर में आ रहे गंदे पानी के कारण बायोलोजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) 3० मिलीग्राम से भी अधिक आ रहा है। मानक आधार पर 3 मिलीग्राम प्रतिलीटर या इससे कम होना चाहिए।

नहीं हो रही पालना
एनजीटी ने गांधीसागर में गंदे पानी के नालों पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद सात नालों का पानी आ रहा है। कुछ लोग तो शौच भी कर रहे है। परिषद की ओर से लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए मूत्रालय के पाइप भी गांधीसागर में जा रहे हैं। तालाब में फव्वारे हैं, लेकिन चलते नहीं हैं। चारों ओर गंदगी अटी पड़ी है। जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट ने तालाब के पास से कचरा हटाने तथा फव्वारा चलाने के निर्देश गत दिनों परिषद आयुक्त को दिए थे, लेकिन उसकी भी पालना नहीं हो रही है।

अधिकारियों ने दिखाए थे सपने
परिषद अधिकारियों ने तीन साल पहले कहा था कि उदयपुर की फतहसागर झील की तरह यहां नाव चलाई जाएगी। वह आज भी सपना बना हुआ है। इधर, गंदगी के कारण मच्छर पनपने से लोगों को परेशानी हो रही है। गंदे पानी को रोकने के लिए आरयूआइडीपी को प्रस्ताव बनाकर पेश करने के लिए भी कहा गया था, लेकिन वह भी मंजूर नहीं हुआ है।

हटवाएंगे गंदगी
गांधीसागर में आ रही गंदगी को साफ करने के लिए ठेका दे रखा है। गंदा पानी रोकने के लिए सीवरेज का काम चल रहा है। नालों को उसमें जोडऩे के साथ ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
अखेराम बड़ोदिया, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर परिषद