शहर के सभी दिगम्बर जैन मंदिरों में हुए कलश

भीलवाड़ा ।
Anant Chaturdashi दिगम्बर जैन समाज के दश लक्षण पर्व के अन्तिम दिन अनंत चतुर्दशी पर गुरुवार को मंदिर में अभिषेक करने के लिए उमड़ पडे। सुबह साढ़े छह बजे तक तो आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में अभिषेक करने वालों को जगह ही नही मिल पा रही थी। आठ साल से लेकर ९० साल तक के वरिष्ठ नागरिक भी अभिषेक व शान्तिधारा करने के लिए ५०० से अधिक श्रावक मंदिर पहुंचे। स्वर कोकिला पूनम कोठारी व वीणा मंगल के भजनों पर श्रावक झूम उठे। सुन्दर, चिराग, राहुल कोठारी ने स्वर्ण मुकुट धारण कर 108 रिद्धी मंत्रों से अभिषेक व शांतिधारा की। अजीत अग्रवाल, महिपाल जैन, सनत अजमेरा, चैनसुख शाह, रमेश सेठी, अजय बाकलीवाल, दिलीप टोग्या, सुभाष सेठी ने भी शांतिधारा की। इस अवसर पर पंडित विक्रम शास्त्री ने कहाकि अपनी आत्मा में रमण करना ही उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म है। दोपहर को मंदिर में अन्नत चर्तुदशी के अभिषेक हुए। शाम को १००८ दीवक से आदिनाथ भगवान की आरती की गई।


आत्मलीनता ही उत्तम ब्रहा्रचर्य धर्म
Anant Chaturdashi हाऊसिंग बोर्ड शास्त्रीनगर स्थित सुपाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में पंडित निलेश शास्त्री ने कहा कि आत्मा मे लीन होना ही उत्तम ब्रहा्रचर्य धर्म है। जन सम्पर्क मंत्री भागचन्द पाटनी ने बताया कि प्रकाश, कैलाश, रोशन, अरविन्द, पारस शाह ने शान्तिधारा की। दोपहर में अन्तत चर्तुदशी के अभिषेक हुए। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ।


शास्त्रीनगर मैन सेक्टर मंदिर में पाश्र्वनाथ व मुनि सुव्रतनाथ भगवान का गुरुवार को 151 शांतिधारा व रिद्धी मंत्रों से अभिषेक किया जो भीलवाड़ा का रिकॉर्ड है। 21 श्रावको ने शांतिधारा की। भोपलगंज स्थित महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में भी पूजा अर्चना व अभिषेक शान्तिधारा की गई। यह जानकारी सुरेन्द्र हुमड़ ने दी।