शहर की आदर्श और उत्कृष्ट सड़कों पर नजर नहीं आती सड़क

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच. कहने को तो यह सड़कें शहर की आदर्श और उत्कृष्ट सड़कों की गिनती में आती है। लेकिन जब व्यक्ति इन सड़़कों पर निकलता है तो गड्ढे अधिक सड़क कम नजर आती है। आश्चर्य की बात तो यह है कि कुछ सड़कों पर तो राहगीरों को गड्ढों के बीच पगडंडी ढूंढनी पड़ती है। ताकि उस पर चलकर सड़क पार कर सकें।


यह हालात शहर की मुख्य सड़कों के हैं। रहवासियों का कहना है कि शहर की सरकार बने चार साल से अधिक का समय बीत चुका है। चंद माह बाद फिर नगर पालिका के चुनाव आ जाएंगे। ऐसे में फिर नेता इन सड़कों के नाम पर वोट मांगने निकलेंगे। ऐसा ही पहले भी हुआ था। साढ़े चार साल पहले चकाचक सड़कों के वादे किए थे, लेकिन हालात यह है कि अभी गड्ढे अधिक सड़क कम नजर आती है।


केस 1. स्कीम नंबर 36 ए की यह मुख्य सड़क है। इस सड़क पर कई शासकीय व निजी विद्यालय भी है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि यहां सड़क सालों से नजर नहीं आ रही है। इस पूरी सड़क पर इतने अधिक गड्ढे हैं। जिसमें से बच बचकर निकलना भी आवाजाही करने वाले लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। यहां लोगों को सड़क नजर नहीं आने के कारण लोग गड्ढों के बीच मेें पगडंडी ढूंढते हैं। ताकि उस पर होकर निकल जाएं। वाहन चालक तो जैसे तैसे निकल जाते हैं, लेकिन पैदल चलने वालों के लिए यहां से गुजरना बहुत मुश्किल हो रहा है।

केस 2. गायत्री मंदिर से ग्वालटोली को जोडऩे वाली इस सड़क को आदर्श सड़क कहते हैं। लेकिन यहां के हालात इतने दयनीय है कि लोगों को इस सड़क से निकलना दुश्वार हो रहा है। इस सड़क के एक तरफ तो गिट्टी डली होने के कारण एक तरफ की सड़क पर वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं दूसरी ओर छात्रावास के सामने की सड़क पर इतने गड्ढे हो रहे हैं जिससे निकलना दुश्वार हो चुका है।

केस 3. शहर के बीचों बीच स्थित सब्जी मंडी सड़क अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। वैसे तो इस सड़क को उत्कृष्ट सड़क के रूप में डेवलप किया जाना है। कुछ काम भी शुरू हुआ, लेकिन वह भी अधूरा हो जाने के कारण शहरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क पर पहले जहां दलदल नजर आ रहा था, वहां नपा द्वारा काली और सफेद गिट्टी डालकर इतिश्री कर दी, लेकिन वह भी एक बारिश भी नहीं झेल पाई ओर भरे हुए गड्ढे फिर मुहं फैलाए बाहर निकल आए।

केस 4. पिपलिया घोटा. गांव से लगा हुआ नगपुरा और पलार का खेड़ा मार्ग इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। रास्ता बदहाल होने से लोगों को मजबूरी में कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है। इस मार्ग से स्कूल के बच्चों और महिलाओं सहित अन्य ग्रामीणों को आवाजाही करने में बहुत परेशानी होती है। आए दिन इस मार्ग पर दो पहिया और चार पहिया वाहन फस जाते हैं। अन्य मौसम में तो जैसे तैसे काम चल जाता है। लेकिन बारिश के दिनों में ग्रामीणों को बहुत परेशानी होती है।

स्कीम नंबर 36 ए सड़क का काम चालु हो गया है। शीघ्र ही सड़क बन जाएगी। सब्जी मंडी मार्ग चूकि उत्कृष्ट सड़क के रूप में डेवलप हो रहा है, इस कारण उसमें कुछ समय लगेगा, लेकिन बारिश के कारण जो गड्ढ़े हुए हैं, उन्हें भरवा दिए जाएंगे, ताकि आवाजाही करने वाले लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
-राकेश पप्पू जैन, अध्यक्ष नगरपालिका