वैभव के साथ मिलकर क्रिकेट को नए आयाम देंगे

भुवनेश पण्ड्या

उदयपुर. हम क्रिकेट के किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी को राजनीति की भेंट नहीं चढऩे देंगे, चाहे वह किसी भी जिले का हो। यदि उस जिले की एसोसिएशन से हमारे विचार मेल नहीं खाते हो तो भी हम किसी खिलाड़ी का नुकसान नहीं होने देंगे, नहीं तो ये उसका नहीं बल्कि राजस्थान क्रिकेट का नुकसान होगा।
यह बात राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के नवनियुक्त सचिव महेन्द्र शर्मा ने बुधवार को राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में कही। शर्मा ने कहा कि उनका अगला कदम बेहतर से बेहतर खिलाडिय़ों को आगे लाना है। इसके लिए वे पांच वर्ष से बंद घरेलू क्रिकेट को भी अब शुरू करना चाह रहे हैं। ट्रायल के आधार पर खिलाडिय़ों का चयन अब बंद कर मैच के आधार पर चयन की शुरुआत करेंगे। दीपावली के बाद 29 व 30 अक्टूबर से अंडर 19 प्रतियोगिता शुरू करेंगे, जिसमें हर जिले की टीम हिस्सा लेगी। गुरुवार से ही अंडर 23 की चैलेजंर ट्रॉफी शुरू हो रही है। दिसम्बर में अंडर 14 प्रतियोगिता होगी।

आरसीए में केवल क्रिकेट प्रेम के कारण
शर्मा ने बताया कि उनका आरसीए से जुड़ा रहना कोई स्वार्थ नहीं बल्कि क्रिकेट के प्रति उनका प्रेम ही है। वे 1999 से आरसीए से जुड़े हैं, जब आरसीए के पास पैसा नहीं था। उन्होंने आरसीए में होने वाली सिर फुटव्वल और राजनीतिकरण के कारण खिलाडिय़ों को नुकसान की बात को स्वीकारा। उन्होंने कहा कि इससे जूनियर खिलाडिय़ों को खूब नुकसान हुआ है। कई ऐसे खिलाड़ी, जो किसी समय 14 वर्ष के थे वे अब बड़े हो गए है। यानी उनके हाथ से आगे आने का मौका निकल गया। उन्होंने स्वीकारा कि ये हमारी आपसी लड़ाई का ही परिणाम है कि खिलाडिय़ों को खेल में आगे बढऩे का अवसर समय पर नहीं मिल पाया। उनका कहना है कि अब हम चाहते हैं कि खेल कोर्ट में नहीं होकर मैदान पर हो।

ग्रुप की लड़ाई खिलाडिय़ों के साथ नहीं
शर्मा ने कहा कि आपसी लड़ाइयों का असर खिलाडिय़ों पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 2010-11 और 11-12 में काफी खिलाड़ी आगे बढ़े हैं। खिलाडिय़ों को कभी किसी राजनीति में नहीं पडऩा चाहिए। किसी धड़ेबाजी में नहीं पडऩा चाहिए। यदि किसी जिले के पदाधिकारियों से उनके विचार नहीं मिलते और खिलाड़ी अच्छा है तो आगे आएगा, उसे कोई नहीं रोक सकता। यदि कोई प्रतिभावान खिलाड़ी है और केवल राजनीति की वजह से आगे नहीं आ पाता तो ये राजस्थान के क्रिकेट का नुकसान है। खिलाड़ी को ये समझना होगा कि कोई भी ये नहीं समझे कि वह किसी की वजह से खेल रहा है। उसे ये सोचना चाहिए कि वह स्वयं के दम पर चल रहा है।

लड़ते नहीं तो काफी आगे होते
शर्मा का कहना था कि वर्ष 2005 के बाद ये राजस्थान क्रिकेट का दुर्भाग्य है कि हम आपस में लड़ते रहे। यदि हम लड़ते नहीं तो और बेहतर कर सकते थे। शर्मा ने कहा कि वर्तमान में हमारे तीन खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा है। हम अब भी पहले की तरह ही बेहतरीन प्रशिक्षकों को लाएंगे ताकि हमारे खिलाड़ी अच्छे से अच्छा कर सके। पहले भी हम ग्रेग चेपल, चन्द्रकांत पंडित, तारक सिह्ना जैसे प्रशिक्षक लाए हैं। हम फिलहाल जोनल क्रिकेट एकेडमी मजबूत करेंगे, ताकि नीचे से तैयार होकर खिलाड़ी जयपुर की मुख्य एकेडमी तक पहुंचे। मुख्य एकेडमी में जल्द अन्तरराष्ट्रीय प्रशिक्षक लाएंगे। शर्मा ने बताया कि राजस्थान के पास जो मीडियम पेसर हैं, वह कही नहीं है। हमारे क्रिकेट का भविष्य उज्जवल है, अध्यक्ष वैभव गहलोत के साथ मिलकर क्रिकेट को नए आयाम देंगे।