वीडियो : पशु आहार में मिट्टी, 62 गायें मरी, मामला दबा ही रहा

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. शहर के केशवनगर क्षेत्र में एक दूध डेयरी से कभी एक, कभी दो करते-करते करीब ६२ से ज्यादा गायें मर गई। मौत के पीछे कारण सामने आया कि जो पशु आहार गायों को दिया जा रहा था उसमें मिट्टी मिली हुई थी, जैसे ही उस पशु आहार को बदला तो गायों को जीवन दान मिलना शुरू हो गया। शुक्रवार को यह मामला राज्य विधानसभा में उठाया गया।
केशवनगर रोड पर स्थित कुशालबाग क्षेत्र में संचालित नागदा डेयरी में पिछले डेढ़ महीने से एक-दो-एक-दो गायों का दम तोडऩ शुरू हो गया, वहां जैसे ही गाय के बीमार होना शुरू होता है मतलब की गाय की मौत होगी ही। यह क्रम अनवरत चलता रहा। डेयरी चलाने वाले परिवार के सदस्य भी परेशान हो गए कि क्या हो गया। उन्होंने दूसरे सारे प्रयास कर लिए लेकिन कुछ पता नहीं चला। बाद में उन्होंने जो पशु आहार गायों को दे रहे थे उसकी निजी लैब में जांच कराई तो सामने आया कि उसमें मिट्टी थी। बाद में जौ का जो पशु आहार था उसमें ही खराबी थी, उसे जैसे ही धोया तो सफेद-सफेद मिट्टी निकली। डेयरी संचालक ने बताया कि करीब चार साल पहले भी इसी पशु आहार से करीब १५ से २० गायों की मौत हुई।

पता चलते ही बंद किया पशु आहार
डेयरी संचालक मोहन नागदा ने तत्काल सबसे पहले जो पशु आहार वे खरीद रहे थे उसे बंद किया और दूसरा पशु आहार गायों को देना शुरू किया। नागदा बताते है कि १३ जून के बाद भगवान की कृपा से उसके बाद कोई अशुभ खबर नहीं आई और सब गाये सुरक्षित है। बताते है कि डेयरी में करीब 200 गायें थी जिसमें से ६२ से ज्यादा गायों की मौत हो गई।

व्यापारी ले गया बचा माल
परिवारजनों ने बताया कि जब यह सामने आया कि इस पशु आहार की वजह से गायों की मौत हो रही थी तो उन्होंने भुपालवाड़ी में व्यापारी को सूचित किया और पूरी स्थिति बताई। बाद में व्यापारी उनकी डेयरी में पड़े करीब तीन पिकअप भरकर पशु आहार ले गया।

विधायक बोले : पुलिस व्यापारी के साथ दबाव बना रही
मावली विधायक धर्म नारायण जोशी शुक्रवार को विधानसभा में यह मामला उठाया। उन्होंने सदन में कहा कि उदयपुर के केशवनगर में पिछले दिनों से ६२ गायें मर गई और वह नकली पशु आहार के कारण। जोशी ने सदन में कहा कि पशु आहार का व्यापारी पुलिस के माध्यम से जो पशुपालक है उन पर दबाव बना रहा है। जोशी ने कहा कि नागदा डेयरी की ६२ गायें मरी है, ऐसी नकली पशु आहार बनाने वालों को दंडित किया जाए।