विश्वकर्मा भगवान मूर्ति प्रतिष्ठा में बिखरा उल्लास

विश्वकर्मा भगवान मूर्ति प्रतिष्ठा में बिखरा उल्लास
डूंगरपुर.
सोमपुरा समाज डंूगरपुर के तत्वावधान में स्वामीनारायण मंदिर में आयोजित दो दिवसीय भगवान विश्वकर्मा मूर्ति प्रतिष्ठा व सामूहिक यज्ञोपवित संस्कार महोत्सव की पूर्णाहुति सोमवार को हुई। दोपहर अभिजित मुहुर्त में जयकारों के साथ देव प्रतिमाओं की स्थापना की गई। साथ ही शिखर कलश व ध्वजदण्ड स्थापित किए गए। रविवार को माणक चौक स्थित स्वामीनारायण मंदिर परिसर में शुरू हुआ। पहले दिन सामूहिक यज्ञोपवित व जल कलश यात्रा निकाली गई। इसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा।
आचार्य संजय पण्ड्या के सान्निध्य में सुबह मुख्य यजमान मंगलेश पुत्र यशवंत सोमपुरा परिवार ने मंडप में स्थापित देवता पूजन किया। इसके बाद प्रतिमाओं का तत्वन्यास हुआ। यजमान गण ने यज्ञाहुतियां समर्पित की। इसके बाद जयकारों के बीच भगवान विश्वकर्मा, गणेशजी व हनुमानजी की प्रतिमाएं स्थापित की गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। राधाकृष्ण मंदिर व विश्वकर्मा मंदिर की शिखर पूजा कर कलश व ध्वजदण्ड स्थापित किए गए। इसके बाद षोडषोपचार पूजन हुआ। अपराह्न में यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। इसके बाद महाआरती की गई। सह आचार्य हरिहर त्रिवेदी, विजय शास्त्री, लोचन शास्त्री, दीपक शास्त्री व राजूभाई रहे।
भजनों व गरबों की धूनों पर थिरके
प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान समाजजनों को उत्साह देखते ही बन रहा था। प्रतिमा स्थापित होते ही श्रद्धालुओं ने शंख, घंटनाद के साथ जयकारें लगाकर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। इसके बाद महिलाएं भजनों व गरबों की धूनों पर देर तक झुमती रही।
यह रहे लाभार्थी
महोत्सव के तहत भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापना का लाभ मंगलेश/यशवंत सोमपुरा परिवार को, गणपति प्रतिमा स्थापना के लाभार्थी शंकरलाल/उमाशंकर परिवार, हनुमानजी प्रतिमा के मानशंकर/सोमनाथ, विश्वकर्मा मंदिर कलश स्थापना के सत्यनारायण/कचरूलाल, राधाकृष्ण मंदिर कलश स्थापना अनिल/छोटालाल, विश्वकर्मा मंदिर ध्वजदण्ड स्थापना सुरेशचंद्र/उमाशंकर, राधाकृष्ण मंदिर ध्वजदण्ड स्थापना राजेश/कांतिलाल, आरती का लाभ हितेश/मोहनलाल परिवार को मिला। इससे पूर्व कुर्मशिला स्थापना के लाभार्थी रमेशचंद्र/प्रतापलाल परिवार, वड़ा कलश धारण का लाभ नानूराम/नर्वदाशंकर परिवार तथा सामूहिक यज्ञोपवित संस्कार के यजमान हेमन्त/रामशंकर परिवार रहे। रविवार को प्रसाद के भामाशाह शिवशंकर सोमपुरा व हितेष/मोहनलाल रहे।