विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत- श्री सोमानी

मेवाड़ किरण @ नीमच -

अपना जावद @ नोशाद अली
स्वामी विवेकानंद की किसी एक भी शिक्षा को यदि किसी ने अपने जीवन में उतार लिया तो उसका उद्धार निश्चित है। उनका कहना था की जब तक मेरे देश का एक भी व्यक्ति भूखा, अशिक्षित या रोगी रहेगा तब तक यदि कोई स्वर्ण का राज्य भी दे तो भी मुझे अस्वीकार्य है। उक्त बात भारतीय सुभाष सेना अध्यक्ष नारायण सोमानी ने भाम्भी मोहल्ला स्थित भारतीय सुभाष सेना कार्यालय पर आज स्वामी विवेकानंद जयंती मनाने के दौरान कही, आगे उन्होंने कहा की स्वामी विवेकानंद हमेशा महिलाओं की शिक्षा और देश की युवा शक्ति को धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहे। इसके लिए उन्होंने पूरे देश का पैदल भ्रमण किया और लोगों को जागृत किया। भारतीय सुभाष सेना के बैनरतले भाम्भी मोहल्ला स्थित भारतीय सुभाष सेना कार्यालय पर स्वामी विवेकानंद जी की तस्वीर पर माल्यापर्ण कर जन्म जयंती मनाई गई। इस मोके पर भारतीय सुभाष सेना अध्यक्ष नारायण सोमानी, सचिव फकिरचंद्र मालवीय, भगवानलाल चौहान, भेरुलाल मेहरा, मदनलाल टेलर, महेन्द्रसिंह चौहान, प्रेमचंद्र मालवीय, कृष्ण मालवीय, विशाल मेहरा, आशीष छीपा, सुश्री परी मारु, सुश्री संजना धाकड, सुश्री किरण धाकड, सुश्री डोली मारु, सुश्री प्रतिमा मालवीय, सुश्री कशिश भाम्भी, सुश्री वर्षा मारु आदी महिला- पुरुष व बच्चे मोजूद थे।

Source : Apna Neemuch