विभाग का दावा सब जगह सुधार दी सड़क और पुलिया, हकीकत में सैकड़ों गड्ढे अभी भी दे रहे जख्म

मंदसौर . बाढ़ से जिले में सड़क से लेकर पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। अफसरों से लेकर मंत्रियों ने सुधार के निर्देश दिए लेकिन जमीनी हालात अभी भी वहीं है। लोक निर्माण विभाग जिले की सड़को पर पेचवर्क के साथ क्षतिग्रस्त पुलियाओं के सुधार का दावा तो कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात अब भी वहीं है। बाढ़ के दिए जख्मों को जिलेवासी सड़कों पर दचके सहन कर भुगत रहे है। शनिवार को भी एक स्कूल बस व एक यात्री बस फस गई। जिसे घंटो की मशक्कत के बाद निकाला गया। हर दिन जिले के ग्रामीण अंचल में यहीं हाल है। दचको के साथ ही गड्डों से उड़ती धूल भी परेशनियों को दोगुना कर रही है। बाढ़ आने के कुछ दिनों तक सड़को से लेकर पुल-पुलियाओं की समीक्षाएं हुई, लेकिन अब कोई सुध भी नहीं ले रहा है।


स्कूल व यात्री बस कीचड़ में फंसी, परेशान होते रहे यात्री व विद्यार्थी
जोगीखेड़ा. समीप के गांव झिरकन के समीप स्थिति तुंबड नदी के यहां शनिवार को स्कूल बस शनिवार को सुबह फस गई। लंबे समय बाद यहां से निकाला गया। फिर दोपहर 1 बजे करीब एक निजी यात्री बस फस गई। जिसे ट्रैक्टर द्वारा निकाला गया। 4 महीने से पुलिया का काम बंद पड़ा हुआ है। पुलिया के साइड में रास्ता बनाया गया है। इसमें मिट्टी डाल रखी हैं जो आने जाने वाले वाहन आए दिन फंस रहे हैं। निर्माणाधीन पुलिया का काम बंद होने से आने-जाने वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया का अधूरा निर्माण कार्य बंद होने से आवागमन बंद हो जाता है।