विभागीय विकास कार्यों की मॉनिटरिंग करे अधिकारी

उदयपुर . जिला कलक्टर आनंदी ने कहा है कि विभिन्न विभागों में उनके विभाग द्वारा स्वीकृत बजट से पीडब्ल्यूडी या अन्य एजेंसियों के माध्यम से हो रहे विकास कार्यों की मॉनिटरिंग विभागीय उच्चाधिकारी की भी जिम्मेदारी है, वे इन विकास कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करें तथा गुणवत्ता व समयबद्धता की समीक्षा करते हुए कार्य पूर्ण करवाए। यदि इन कार्यों में किसी प्रकार की गुणवत्ताहीनता, लापरवाही व देरी होती है तो जिला प्रशासन के ध्यान में लावें ताकि विकास कार्य को समय पर पूर्ण करवाते हुए उसका लाभ संबंधितों को दिलवाया जा सके।
जिला कलक्टर ने यह निर्देश गुरुवार को जिलास्तरीय जनसुनवाई व जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। इस मौके पर कलक्टर ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े उपखण्ड स्तरीय अधिकारियों को कहा कि सतत मॉनिटरिंग के अभाव में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर पिछले कई वर्षों से स्वीकृत विकास कार्य अलग-अलग कारणों से अभी भी अधूरे है, जो कि चिंतनीय विषय है। उन्होंने समस्त विभागीय अधिकारियों व उपखण्ड अधिकारियों को इन कार्यों की मॉनिटरिंग करते हुए 31 मार्च तक समस्त लंबित कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार जिला कलक्टर ने सभी कार्यालयों में लोक सेवा प्रदान करने संबंधित बोर्ड लगाने और इनके निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट करने के लिए भी उपखण्ड अधिकारियों को पाबंद किया। उन्होंने लसाडिय़ा में एएनएम की कमी और गोगुंदा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से बेरोजगारों को ऋण आवंटन आवेदनों के निस्तारण के लिए भी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर व संजय कुमारए जिला परिषद सीईओ कमर चैधरीए गिर्वा एसडीएम लोकबंधु सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
तीन परिवेदनाओं का निस्तारण
सतर्कता समिति की बैठक से पूर्व आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण करने के साथ ही उन्हें शीघ्र राहत प्रदान करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन भी हुआ। जनसुनवाई के दौरान 62 अलगण्अलग परिवेदनाएं प्राप्त हुई जिनमें से 3 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। वहीं अन्य परिवेदनाओं को दर्ज करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित कर उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश कलक्टर ने दिए। जनसुनवाई के दौरान बिजलीए पानीए अतिक्रमण, नामांतरण, अवैध पार्किंग, पेंशन, सड़क निर्माण, भू-रूपान्तरण सहित कई प्रकार के प्रकरण प्राप्त हुए। मौके पर ही कलक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से इन प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में जानकारी ली और परिवादियों को राहत देने के निर्देश दिए।
समस्याओं का हो निस्तारण
कलक्टर ने वीसी के जरिए सभी उपखण्ड अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उपखण्ड स्तरीय जनसुनवाई में आमजन से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण हेतु प्रभावी प्रयास करें ताकि लोगों को शीघ्र राहत मिले एवं जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़े। उन्होंने इसके लिए विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित उपखण्ड अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर फीडबैक लेने और ब्लॉक स्तरीय बैठकों में पालना की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
जवाब देह होंगे अधिकारी
जनसमस्या से जुड़े किसी भी प्रकरण के अधिक समय तक लम्बित रहने की जवाबदेही संबंधित अधिकारी की होगीए चाहे वो जिला स्तर का हो या उपखण्ड स्तरीय। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने स्तर पर निस्तारित होने वाले प्रकरणों को मौके पर ही निपटाकर उसकी रिपोर्ट प्रस्मुत करें।
शीघ्र कार्यवाही के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान कलक्टर ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, निर्माण, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आदि विभागों के माध्यम स्वीकृत एवं जारी कार्यों के बारे में समीक्षा करते हुए कलक्टर ने इन कार्यों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। कलक्टर ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल, सीएम हेल्पलाइन 181, सतर्कता एवं अन्य शिकायत संबंधी पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के संबंध में विभाग व उपखण्डवार समीक्षा की एवं इन्हे प्राथमिकता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण व्यवस्था में अधिकारी बदले
जिला कलक्टर ने एक आदेश जारी कर जिले के विभिन्न उपखण्ड क्षेत्रों में राजकीय कार्यालयों, स्कूलों, चिकित्सा संस्थानों, उचित मूल्य दुकानों एवं छात्रावासों आदि के लिए प्रारंभ की गई निरीक्षण व्यवस्था के लिए पूर्व में नियुक्त निरीक्षण अधिकारियों के स्थान पर नवीन अधिकारी लगाए है। साथ ही उन्होंने निरीक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, निरीक्षण के दौरान मिल रही कमियों के सुधार व विभागीय समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए है। कलक्टर ने संबंधित निरीक्षण अधिकारियों को उनके द्वारा किए गये निरीक्षण की रिपोर्ट निर्धारित समय में प्रेषित करने व वस्तुस्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए है।