वाह रे चतुराई : आधी रात के बाद नाबालिग की बारात सजी, फिर भी सजगता से थम गया गुड्डा-गुडि़या का ब्याह

बांसवाड़ा. दिन के उजाले में गुड्डे-गुडि़या यानी नाबालिगों की शादी कराने पर दिक्कत, तो आधी रात के बाद बारात निकाली। इस चतुराई के बावजूद चंद जागरूक लोगों की पहल से बाल विवाह रुकवा ही दिया गया। वाकया आंबापुरा के मेदिया मईड़ा गांव में हुआ, जबकि किसी व्यक्ति ने 1098 नंबर पर शुक्रवार रात करीब साढ़े 12 बजे सूचना दी कि गांव में दो नाबालिग का विवाह कराया जा रहा है। रोकथाम नहीं हो, इसलिए परिजनरात को बारात निकाल रहे हैं। इस पर चाइल्ड लाइन 1098 के कमलेश बुनकर और आंबापुरा थाने से हेडकांस्टेबल जगदीशप्रसाद की टीम मौके पहुंची और माजरा देखा। परिजनों से पुलिस ने बच्चों का रिकार्ड मंगवाया तो मालूम हुआ कि मेदिया मईड़ा निवासी दूल्हा और खेड़ा निवासी दुल्हन दोनों नाबालिग है। तब विवाह रुकवाने की समझाइश की गई, तो परिजन मानने के बजाय विवाह कराने पर अड़ गए। इस पर थोड़ा माहौल गर्माने के बाद तब पुलिस ने कार्रवाई की चेतावनी दी, तो परिजन ठंडे पड़े। बाद में दोनों पक्षों को पाबंद किया गया।