वागड़ के नेताओं को रास नहीं आता सोशल मीडिया, जमाने के साथ कदमताल में पीछे हमारे नेताजी

बांसवाड़ा. वर्तमान समय सोशल मीडिया का है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार सांसदों और विधायकों को सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय रहने का संदेश दे चुके हैं, बावजूद इसके जिले में दोनों बड़े राजनीतिक दलों के नेता और जिलाध्यक्ष निष्क्रिय बने हुए हैं। भाजपा के नेताओं को हाइटेक प्रणाली से चुनाव लडऩे में पारंगत समझा जाता है, लेकिन यहां के जनप्रतिनिधि इसमें फेल साबित हो रहे हैं। वहीं कांग्रेस जो कभी धरातल पर चुनाव लडऩे में माहिर समझी जाती थी, उसके कुछ प्रतिनिधि अब धीरे-धीरे सोशल मीडिया को आत्मसात करने लगे हैं, लेकिन अभी भी कई दिग्गज नेता इस पर बहुत कम सक्रिय नजर आते हैं। यहां तक दोनों दलों के जिलाध्यक्ष भी सक्रिय नहीं हैं।

भाजपा के नेता कभी-कभार देख आते हैं सोशल मीडिया पर
पंचायतराज राज्य मंत्री धनसिंह रावत, सांसद मानशंकर निनामा, संसदीय सचिव भीमाभाई, घाटोल विधायक नवनीतलाल निनामा और गढ़ी विधायक जीतमल खांट में से कोई ऐसा नेता नहीं है जो नियमित रूप से सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता हो। जबकि लगभग सभी के एकाउण्ट बने हुए हैं, लेकिन काफी समय से अपडेट ही नहीं हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी सांसदों से कह चुके हैं कि वह अधिक से अधिक ट्वीटर फॉलोअर बढ़ाएं एवं 3 लाख फॉलोअर होने पर वह स्वयं सांसदों से संवाद करेंगे, लेकिन अभी तक सांसद मानशंकर निनामा ट्विटर पर नहीं आए हैं। इसी तरह भाजपा जिलाध्यक्ष मनोहर त्रिवेदी भी किसी भी सोशल मीडिया पर बहुत कम सक्रिय हैं। भाजपा से जुड़े युवा नेता जरूर सोशल मीडिया के सभी मंचों पर सक्रिय नजर आते हैं।

कांग्रेस के भी ऐसे ही हाल
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कांग्रेस के नेता अब धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर सक्रिय तो होने लगे हैं, लेकिन अभी भी इनकी संख्या गिनती की ही है। बागीदौरा विधायक महेन्द्रजीतसिंह मालवीया से लेकर प्रदेश सचिव अर्जुनसिंह बामनिया और जैनेन्द्र त्रिवेदी ने सोशल मीडिया पर उपस्थिति तो दर्ज कराई है, लेकिन अधिक सक्रिय नहीं हैं। इसी तरह जिलाध्यक्ष चांदमल जैन भी कमोबेश बहुत कम बार सोशल मीडिया पर सक्रिय नजर आते हैं। गढ़ी की पूर्व विधायक कांता भील जरूर यदा कदा नजर आ जाती हैं तो पूर्व संसदीय सचिव नानालाल निनामा भी सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं हैं। कांग्रेस से जुडे युवा नेता जरूर सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय हैं एवं वह राजनीतिक बहस में शामिल होकर उसका जवाब भी देते हैं।