लोकसभा में बताया उदयपुर, वल्लभनगर, मावली व राजसमंद की प्यास बुझाने का फॉर्मुला

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. लोकसभा में शुक्रवार को बांध सुरक्षा विधेयक 2019 में चर्चा के दौरान सांसद अर्जुन लाल मीणा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उदयपुर की बड़ी योजना देवास तृतीय व चतुर्थ को पूरा कर दिया जाता है तो उदयपुर व राजसमंद जिले के कई कस्बों व गांवों की प्यास बुझ जाएगी।
लोकसभा में सांसद मीणा ने कहा कि देवास तृतीय च चतुर्थ फेज में बांध निर्माण के लिए भारत सरकार से बजट दिया जाए, ऐसा हो जाता है और वहां पर बांध बन जाएगा तो उदयपुर शहर, वल्लभनगर, मावली व राजसमंद की प्यास बुझ जाएगी। उन्होंने उदयपुर संभाग में बांधो की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि उदयपुर शहर में इस तरह राजा-महाराजाओ ने झीलों का निर्माण कराया था की जब एक झील भर जाती है तो पानी दूसरी झील में चला जाता है। उन्होंने कहा कि उदयपुर संसदीय क्षेत्र में जयसमंद बांध हमेशा भरा रहे इसके लिए बांसवाड़ा जिले में स्थित माही बजाज सागर बांध का पानी जयमंसद डायवर्ट किया जाए। उन्होंने बताया कि वहां पर प्रति वर्ष वर्षा ऋतु में माही बजाज सागर बांध के ओवरफ्लो हो जाने के कारण गेट खोलते तब पानी गुजरात बह कर चला जाता है। इस पानी को डाइवर्ट करके जाखम बांध (प्रतापगढ़) से ग्रेविटी के प्रभाव से पानी सीधे जयसमंद बांध में पानी डाला जा सकता है। मीणा ने कहा कि पूर्वर्ती राजस्थान भाजपा सरकार ने उस समय सर्वे के लिए 1440 करोड़ की डीपीआर वर्ष 2016-2017 में केन्द्र सरकार को भेजी थी जिससे हमेशा जयसमंद बांध भरा रहेगा। इससे कैचमेंट एरिया सराड़ा, सलूम्बर, झल्लारा तहसीलों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की व्यस्था हमेशा मिलती रहेगी, साथ ही इन तहसीलो की जनता को शुद्ध पेयजल मिल सकेगा और पीएम मोदी का सपना घर-घर नल पेयजल पहुंचाने का सपना जल्दी ही पूरा किया जा रखेगा।