लोकसभा चुनाव और वर्ग विशेष के बीच उलझा नपाध्यक्ष का निर्णय

मंदसौर.
नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर होने वाले कार्यवाहक अध्यक्ष को लेकर कांग्रेस में ही उलझन की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस के १७ पार्षदों में से किसी एक नाम पर कांग्रेस में ही सहमति नहीं बन पा रही है। तो वहीं लोकसभा चुनाव और आने वाले समय में नगर पालिका अध्यक्ष के लिए होने वाले उपचुनाव के कारण पार्टी किसी को नाराज नहीं करने की दिशा में विचार कर रही है। चुनाव के नजदीक होने के कारण नाराजगी नहीं बढ़े। इसी कारण इस निर्णय में देरी हो रही है तो दूसरी बड़ी उलझन यह भी है कि वर्तमान में अध्यक्ष की सीट अनारक्षित है। ऐसे में किस वर्ग के चेहरे को मौका दे। महिला या पुरुष या फिर वर्ग विशेष में से किस नाम पर निर्णय करें। इसी उलझन में पार्टी और सरकार है। अलग-अलग मतों और आने वाले समय में चुनाव के चलते कई राजनीतिक व सामाजिक समीकरणों को देखते हुए भी पार्टी अध्यक्ष के नाम पर निर्णय आसानी से नहीं कर पा रही है।
विरोध और उपचुनाव का भी सता रहा डर
अध्यक्ष के निर्णय में पार्टी में अंदर खानों में चल रही गुटबाजी बड़ी उलझन बनी हुई है। कांग्रेस का संगठन और नेता जिसके समर्थन में है। उस नाम पर कांग्रेस के दूसरे पार्षद राजी नहीं है और वह भी अलग गुटों के नेताओं से संपर्क में है। ऐसे में पहले ही नपा में कम पार्षदों की संख्या के कारण विपक्ष में बैठी कांग्रेस को नपा के अंदर अपनों का ही विरोध न झेलना पड़े। यह डर सता रहा है तो आने वाले समय में लोकसभा के साथ नपाध्यक्ष को लेकर होने वाले उपचुनाव में कही पार्टी को इसका खामियाजा न भुगतना पड़ जाए। यह भी डर पार्टी को सता रहा है।
किसी को नाराज नहीं करना चाहती पार्टी
कांग्रेस सुत्रों की माने तो नगर पालिका अध्यक्ष के निर्णय पर सबसे बड़ी उलझन यह है कि मौका किसे दे। लोकसभा चुनाव नजदीक है और ऐसे में किसी को भी कमान देने से अन्य गुट में नाराजगी बढ़ सकती है। ऐसे में चुनाव को नजदीक देखते हुए पार्टी निचले कार्यकर्ता से लेकर वरिष्ठ नेता को नाराज नहीं करना चाहती है। तो दूसरी बड़ी उलझन यह है कि किस नाम पर निर्णय करें। अल्पसंख्यक वर्ग से भी दावेदार है। ऐसे में एक वर्ग को मौका दे तो दूसरा वर्ग नाराज हो सकता है। इसी बात के कारण पार्टी इस मामले में निर्णय करने पर हर बात पर गहन मंथन करने में लगी है।
जल्दी होगा निर्णय
नगर पालिका के अध्यक्ष को लेकर निर्णय प्रदेश कांग्रेस व सरकार के मंथन के साथ किया जाने वाला है। जो पर्यवेक्षक आए थे। उनके सामने सभी बातें रखी गई है। जिला स्तर पर इस मामले को लेकर कुछ भी नहीं हुआ है। किसी भी वजह से अध्यक्ष का निर्णय उलझा नहीं है। शासन स्तर से जल्द ही इस मामले में निर्णय हो जाएगा। -प्रकाश रातडिय़ा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस