रोडवेज हड़ताल के दो रंग : एक ओर नारों की गूंज, दूसरी ओर बस स्टैण्ड की साफ-सफाई में जुटे कार्मिक

रोडवेज हड़ताल के दो रंग : एक ओर नारों की गूंज, दूसरी ओर बस स्टैण्ड की साफ-सफाई में जुटे कार्मिक
बांसवाड़ा. संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर हुई हड़ताल के दूसरे दिन बांसवाड़ा आगार में हड़ताल के दो रंग देखने को मिले। इनमें एक आमजन के लिए कष्टकारी रहा तो दूसरा लाभप्रद। गौरतलब है कि विभिन्न मांगों को लेकर कार्मिकों ने हड़ताल के तहत बसों के चक्के थाम रखे हैं। जिस कारण इन दो दिनों में एक भी बस बांसवाड़ा आगार से न गई और न ही आई। बसों के न चलने से यात्रियों को परेशानी भी उठानी पड़ी। लेकिन दूसरी ओर बस स्टैंड पर मंगलवार आमजन के लिए सुकून भरा भी रहा। क्योंकि इस दौरान वे कार्मिक जो हड़ताल पर नहीं है, उन्होंने अधिकारियों की अगुवाई में बस स्टैंड पर साफ- सफाई की।

सभी की मेहनत से चकाचक हुआ बस स्टैंड
हड़ताल पर न रहने वाले कार्मिकों ने आगार प्रबंधक रवि कुमार मेहरा की अगुवाई में बस स्टैंड को साफ करने का बीड़ा उठाया और सभी ने मिलकर पूरे बस स्टैंड परिसर यहां तक की बस स्टैंड के बाहर सडक़ पर भी साफ-सफाई की। और शाम तक बस स्टैंड का चकाचक कर दिया।

गूंजते रहे हक के नारे
दो दिनों से वर्कशॉप के बाहर प्रदर्शन कर रहे हड़तालियों ने धरना जारी रखा और बसों का संचालन ठप रखा। मंगलवार को भी पूरे जिले से पहुंचे कार्मिक वर्कशॉप के बाहर धरने पर बैठे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संयुक्त मोर्चा के कार्यकारी जिला अध्यक्ष ने नेकराम शर्मा ने बताया कि संगठन की प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी के निर्देशन में हड़ताल की जा रही है। सरकार के साथ चर्चा विफल हो जाने के बाद कार्मिकों ने हड़ताल करने का बीड़ा उठाया। और अब हड़ताल अनिश्चित कालीन हो चुकी है। जब तक सरकार कार्मिकों की मांगे नहीं मानती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी।