रोडवेज के बाद प्राइवेट बस स्टैण्ड पर भी टूटा सन्नाटा, यात्री भर नहीं आया नजर

भीलवाड़ा. कोरोना महामारी के संकट के बाद नब्बे दिन से प्राइवेट बस स्टैण्ड पर पसरा सन्नाटा टूट गया। निजी बस ऑपरेटरों के बस संचालन को हरीझण्डी देने से ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों को सुविधा मिलेगा। हालांकि पहले दिन प्रसार-प्रचार की कमी के कारण यात्रियों का टोटा रहा। संचालकों ने महामारी को देखते हुए सोशल डिस्टिेंसिंग का ध्यान रखा तथा सेनेटाइजर के बाद ही यात्रियों को बस में बैठाया गया।

जानकारी के अनुसार कोरोना का एेपिक सेंटर बनने के कारण रोडवेज के साथ ही २० मार्च को निजी बसों का संचालन भी बंद कर दिया था। तभी से नेहरू उद्यान के सामने प्राइवेट बस स्टैण्ड पर सन्नाटा पसरा हुआ था। रोडवेज के संचालन एक पखवाड़े पहले शुरू हो गया था। विभिन्न मांगों को लेकर निजी बस ऑपरेटर आंदोलन की राह पर थे। लेकिन सरकार से दो दिन पूर्व गतिरोध समाप्त हो गया। उसके बाद शुक्रवार से निजी बसों को चलाने का निर्णय लिया था। प्राइवेट बस स्टैण्ड से पहले दिन करेड़ा, ब्यावर, जहाजपुर, शाहपुरा, देवली व कोटड़ी रूट पर बसों को भेजा। लोगों को जानकारी के अभाव में बसों में अपेक्षाकृत यात्री भार कम रहा। बस में बैठने से पहले यात्री को सनेटाइज किया गया। वहीं मास्क पहनने वाले यात्री को ही बैठाया गया। बस संचालकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यात्री भार ठीक हो जाएगा।

रोडवेज बस स्टैण्ड पर नजर आने लगी चहल-पहल

रोडवेज बस स्टैण्ड पर भी चहल-पहल बढ़ी है। भीलवाड़ा आगार से इस समय दिनभर में आठ बसों का ही संचालन हो रहा है। जबकि दूसरे आगार की बसों के भी बस स्टैण्ड पर ठहराव से यात्रियों को फायदा मिल रहा।