रिश्वत का आरोपी रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी गिरफ्तार, दो वर्ष पहले शराब की दुकानों से मंथली बंधी लेते पकड़ा था एसीबी ने

 

मो. इलियास/उदयपुर. शराब की दुकानों से अवैध वसूली की राशि के साथ दो वर्ष पूर्व पकड़े गए तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी मोहनलाल गुप्ता को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सोमवार को गिरफ्तार किया। उसके विरुद्ध आय से अधिक सम्पत्ति व रिश्वत के प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
एसीबी के उपाधीक्षक राजीव जोशी ने बताया कि तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी भुसावर (भरतपुर) हाल ओटीसी निवासी मोहनलाल गुप्ता के बारे में दो वर्ष पूर्व अवैध रूप से वसूली की सूचना पर टीम ने गाड़ी का लगातार पीछा किया। शाम करीब 6 बजे गाड़ी टीडी के निकट एक शराब की दुकान रुकी तो टीम ने वहां गुप्ता की तलाशी ली। उसकी जेब में शराब की दुकानों से वसूली मंथली बंधी के 34,300 रुपए मिले। पकड़ में आते ही गुप्ता ने शराब की दुकानों के सेल्समैन से बंधी लेना स्वीकार किया। वह मौके पर ही हाथ जोडक़र खड़ा हो गया और बोला कि सेवानिवृत्ति में महज 6 माह बचे हैंं। उसने एसीबी अधिकारियों को कहा है कि अभी जेब में 30-35 हजार रुपए है। यह राशि ले लो। उदयपुर पहुंचते ही 5-7 लाख रुपए की और व्यवस्था कर दूगां। ब्यूरो टीम ने राशि जब्त कर उसके सरकारी क्वार्टर में तलाशी ली तो कपड़ों की जेब में बंधी के 1.02 लाख रुपए की राशि के बंडल मिले। ब्यूरो ने राशि जब्त कर आरोपी मोहनलाल गुप्ता के विरुद्ध रिश्वत व आय से अधिक सम्पत्ति का मामला दर्ज किया।

 

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2002 में बना था आरएएस
उपाधीक्षक जोशी ने बताया कि वर्ष 1984 में राजकीय सेवा में आए गुप्ता को वर्ष 2002 में आरएएस के पद पर पदोन्नति मिली थी। सेवानिवृत्ति से पहले वह अक्टूबर, 2014 से जिला आबकारी अधिकारी उदयपुर के पद पर कार्यरत था। आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज होने के बाद एसीबी ने रिटायर्ड के दो साल बाद उसे सोमवार को गिरफ्तार किया।