राहत पैकेज की घोषणा को हो गया एक माह

भीलवाड़ा।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र को उबारने के लिए केंद्र सरकार के राहत पैकेज की घोषणा का जिले के उद्यमियो को अभी तक कोई लाभ नहीं मिला। उद्यमियों के अनुसार, इस पैकेज के तहत कोई लोन या सहायता नहीं मिल रही है। बैंक कह रहे हैं कि सरकार की गाइडलाइन नहीं आई है। इस नाम से बैंक टाल रहे हैं। कई बैंकों ने व्यापारियों से पांच साल का रिकार्ड मांगा है।
कपड़ा उद्यमियों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान काफी घाटा लगा। अब बैंकों के चक्कर लगा रहे है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप लगाया कि बैंक अभी दलालों के जरिये ऋण बांट रहे हैं। राहत पैकेज का लाभ बैंक किस तरह देंगे, इसकी जानकारी भी नहीं दे रहे। एक उद्यमी ने कहा, सरकार चाहे जितने जतन कर लें, बैंक पेशेवर नहीं होंगे तब तक उद्यमियों के हित पूरे नहीं हो सकते। करीब एक माह पहले पैकेज घोषित किया लेकिन अब तक गाइडलाइन ही नहीं आई।
उधर लीड बैंक के सहायक मैनेजर अनिल चौरडिय़ा ने बताया कि सरकार ने जितना भी रुपया लोन बांटने को दिया, वह सिर्फ पुराने कर्जदार कारोबारियों के लिए है। उनके बकाए का 20 प्रतिशत उन्हें दे भी रहे हैं ताकि औद्योगिक ढांचा मजबूत हो सके। एक अन्य बैंक अधिकारी ने बताया कि लाकडाउन के बाद अभी कोई नया लोन नहीं दिया।