राज्य सरकार ने घोषित की नई आबकारी नीति, बढ़ेंगी देशी शराब की दुकानें, होटलों व रेस्त्रां को मिलेगा बार लाइसेंस

जयपुर. बांसवाड़ा. राज्य सरकार ने शुक्रवार को नई आबकारी नीति की घोषणा की। देशी शराब की दुकानों की संख्या 6640 से बढ़ाकर 6665 की जाएगी, जबकि विदेशी शराब की दुकानों की संख्या एक हजार ही रहेगी। इस बार आवेदन शुल्क से लेकर सभी तरह के शुल्क में बढ़ोतरी की गई है, वहीं पर्यटक नीति के तहत चल रहे होटलों व रेस्त्रां को बार लाइसेंस मिल सकेगा। कांग्रेस के मौजूदा शासनकाल की यह पहली आबकारी नीति है। इसके तहत देशी-अंग्रेजी शराब दुकानों का लॉटरी से आवंटन होगा। पिछली सरकार ने चुनाव को ध्यान में रखते हुए पुरानी दुकानों का ही नवीनीकरण कर दिया था। इस कारण अब दुकानों की लॉटरी दो साल बाद होगी। नई आबकारी नीति में देशी मदिरा समूह के लिए लाइसेंस फीस में 15 फीसदी की वृद्धि की गई है। देशी मदिरा और अंग्रेजी शराब एवं बीयर के आबकारी शुल्क में बदलाव किया गया है।

अंग्रेजी शराब दुकान फीस बढ़ी...
जयपुर व जोधपुर में अंग्रेजी शराब दुकान की वार्षिक फीस 30 लाख रुपए, अन्य संभागीय मुख्यालय और माउंट आबू व जैसलमेर में 25 लाख और अन्य जिला मुख्यालय व नगरपालिकाओं में 15 से 18.50 लाख रुपए तक वार्षिक फीस तय की गई है। वार्षिक फीस में 3 लाख रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है।

जुर्माना राशि दो गुना तक बढ़ाई
शराब दुकानों के उल्लंघन करने की स्थिति में चालान किए जाने पर जुर्माना राशि में दो गुना तक की वृद्धि की गई है। उल्लंघन होने पर पहली बार 20 हजार, दूसरी बार 40 हजार और तीसरी बार 75 हजार रुपए जुर्माना देना होगा। चौथी बार लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

ये होगी वार्षिक होटल-बार लाइसेंस फीस
5 स्टार होटल 17 लाख रुपए
4 स्टार होटल 12 लाख रुपए
3 स्टार होटल 9.30 लाख रुपए
लग्जरी ट्रेन 9.30 लाख रुपए
50 कमरों तक की होटल के लिए 9 लाख
51 से 100 कमरों की होटल के लिए 11 लाख रुपए
100 कमरों से अधिक की होटल के लिए 16 लाख रुपए

शुल्क में 5 हजार तक की बढ़ोतरी
देशी मदिरा समूह 10 लाख रुपए तक वार्षिक मूल्य के ठेके के लिए आवेदन शुल्क 23 हजार और 10 लाख से अधिक के समूहों के लिए आवेदन शुल्क 28 हजार रुपए होगा। अंग्रेजी शराब दुकान आवेदन शुल्क 28 हजार रुपए रखा गया है।