राजस्थान में यहां मोहर्रम के रास्ते को लेकर विवाद, अब तक नहीं निकाले गए ताजिए, पुलिस कर रही समझाइश

चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन में दो पक्षों में आपसी विवाद के चलते मोहर्रम के ताजिये अब तक नहीं निकाले गए हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी समझाइश का प्रयास कर रहे हैं। आपको बता दें कि यहां मोहर्रम के मार्ग को लेकर विवाद है।

 


वहीं गत दिनों दो दिवसीय चित्तौडगढ़़ जिले के दौरे पर आए निर्दलीय विधायक और किसान नेता hanuman beniwal ने मंगलवार को कहा कि राजस्थान में Third Front का गठन किया जाएगा, जिसमें नई पार्टी का ऐलान आगामी कुछ दिनों में जयपुर में आयोजित होने वाली विशाल रैली के दौरान कर दिया जाएगा। बेनीवाल ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि राजस्थान को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए, लेकिन इस ओर न तो भाजपा और न ही कांग्रेस ने ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि बहुत पहले ही यह कार्य हो जाना चाहिए था। केंद्र में दोनों की सरकार होने के बावजूद भी दोनों ही दलों ने मजबूत पैरवी नहीं की। उनके अनुसार राज्य में तीसरे मोर्चे की सरकार सत्ता में आने की स्थिति में राजस्थान को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी करेगी।

 

चाहिए मजबूत लोकायुक्त
Hanuman Beniwal ने कहा कि राजस्थान में मजबूत लोकायुक्त की भी आवश्यकता है। भाजपा सरकार द्वारा राज्य में काश्तकारों का कर्जा माफ किए जाने के बारे में उल्लेख किए जाने पर उन्होंने कहा कि यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। सरकार को मजबूर किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ करना चाहिए और साथ में बिजली के बिल भी माफ करने के लिए कदम उठाया जाना चाहिए। स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार ने बेरोजगारों को रोजगार देने की दिशा में भी कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जो युवाओं के साथ नाइंसाफी है।

 

तीसरा मोर्चा देगा युवाओं को पांच हजार प्रतिमाह भत्ता
राजस्थान में तीसरे मोर्चे की सरकार सत्ता में आने की स्थिति में बेरोजगार युवाओं को पांच हजार रुपये प्रति माह भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा विभिन्न स्थानों पर विशाल रैली आयोजित किए जाने के बाद ही मौजूदा सरकार को गौरव यात्रा और कांग्रेस को संकल्प रैली निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वसुंधरा एवं गहलोत दोनों मिले हुए हैं। राज्य से भाजपा सरकार का जाना तय है। अब मोदी और शाह के दौरे भी सरकार को जाने से नहीं बचा पाएंगे, क्योंकि राजस्थान अब परिवर्तन की लहर चल रही है, जिसे रोकना मुश्किल है।