राजस्थान के अन्नदाताओं को कर्जमाफी के साथ मिली ये बड़ी सौगातें, 70 हजार किसानों को मिलेगा करोड़ो रुपयों का लाभ

डूंगरपुर।

राज्य सरकार ने किसानों को राहत प्रदान करने के लिए डूंगरपुर जिला के प्रभारी एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने डूंगरपुर के रींछा लेम्पस के तीन सौ पांच किसानों को चालीस लाख पांच हजार के फसली ऋण माफी के लिए ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित कर राहत प्रदान की।

 

शनिवार को डूंगरपुर जिले में साबला निकटवर्ती गांव रीछा लेम्प्स में आयोजित फसली ऋण माफी योजना के तहत जिला प्रभारी एवं राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने 305 किसानों को 40 लाख 5 हजार के फसली ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित किए।

 

प्रभारी मंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के आर्थिक संकट को मद्देनजर रखते हुए जनघोषणा पत्र में की गई घोषणाओं को वर्तमान सरकार ने सहकारी बैंकों के समस्त किसानों के संपूर्ण फसली ऋण की कर्ज माफी का आदेश दिया।

 

उन्होंने बताया कि ऋण माफी योजना 2018 में 30 सितम्बर 2017 की स्थितियों में मात्र 50 हजार सीमा तक माफी की घोषणा को वर्तमान में 30 नवम्बर 2018 की स्थिति में लघु सीमांत काश्तकारों के संपूर्ण बकाया फसली ऋण को माफ किया, जिसमें कोई सीमा नहीं रखी गई है।

 

ऋण माफी योजना 2018 में लघु सीमांत के अतिरिक्त अन्य काश्तकारों के लिए कृषि जोत की सीमा के अनुसार 50 हजार के अनुपातिक ऋण की माफी की गई थी, जिसे वर्तमान में सभी सीमा को हटातेे हुए बड़े किसानों का भी 30 नवम्बर 2018 की स्थिति में बकाया संपूर्ण कर्ज माफी करने जा रही है। जिन किसानों को 50 हजार की सीमा तक ऋण माफ होने के बाद पुनः नया ऋण मिला था, उनका भी 30 नवम्बर 2018 की बकाया की स्थिति में संपूर्ण फसली ऋण माफ किया जा रहा है।

 

पूर्व में घोषित ऋण माफी योजना 2018 के लिए 50 हजार रू. तक ऋण माफी के लिए करीब 8500 हजार करोड रू. चाहिए थे, जिसमें से पूर्व में मात्र 2 हजार करोड रू. उपलब्ध करवाये गए थे जबकि बकाया 6 हजार करोड रु. का वित्तीय भार वर्तमान सरकार ने वहन किया है। इस वित्तीय भार को वर्तमान सरकार किसान हित में वहन करेगी, साथ ही पुराने कर्ज माफी के बाद लिए गए समस्त लोन भी सम्पूर्ण रूप से माफ किए जा रहे हैं, जिससे 27 लाख किसानों को लाभ मिलेगा एवं सरकार करीब 16 करोड रु. वहन करेगी।

 

उन्होंने कहा कि फसली ऋणों के अतिरिक्त किसानों द्वारा मध्यकालीन एवं दीर्घकालीन ऋण भूमि सुधार एवं कृषि उपकरण उपकरणों के लिए भूमि विकास बैंकों एवं केंद्रीय सरकारी बैंकों के लिए गए हैं, उनको भी दो लाख रू. तक की सीमा तक सरकार माफ करेगी। जिसमें करीब 70 हजार किसानों को 505 करोड की ऋण माफी का लाभ मिलेगा।

 

प्रदेश के किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए किसान आयोग का पुनर्गठन किया जाएगा। किसान अपनी उपज का मूल्य संर्वद्धन कर अधिक से अधिक लाभ कमा सकें, इसके लिए वे खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां लगा सकेंगे। दस हेक्टेयर तक जमीन पर ऐसी इकाइयां स्थापित करने के लिए किसानों को भू उपयोग परिवर्तन नही कराना होगा।

 

राज्य सरकार राजफैड के माध्यम से कर्ज लेकर एक हजार करोड रूपये उपलब्ध कराएगी, ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का भुगतान समय पर मिल सके। आगामी 5 साल तक किसानों के कृषि विद्युत कनेक्शन पर बिजली के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे।

 

उन्होंने कहा कि एक लाख किसानों को जून 2019 तक कृषि कनेक्शन दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन सम्बल योजनान्तर्गत राज्य के 5 लाख पशुपालकों को दूध संकलन पर 2 रू. प्रति लीटर की दर से अनुदान 1 फरवरी 2019 से लागू की गई। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत वृद्धावस्था पेंशन में वृद्धि की गई है वहीं मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ते में बढ़ोतरी की गई है।