राजस्थान की छोरियां भी छोरो से कम ना है…

भीलवाड़ा।


भीलवाड़ा बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन व एमपीस कोर जिम की ओर से राज्य स्तरीय बॉडी बिल्डिंग चेम्पियनशीप प्रतियोगिता हुई। इसमें प्रदेश के १७ जिलों के १२० से अधिक खिलाडि़यों ने भाग लिया। सचिव एमपी सिंह ने बताया कि चैपिंयन ऑफ चैपिंयन २०१९ परवेज आलम, मसल्स मैन ऑफ २०१९ सुनील समरिया, बेस्ट पोनर राजेश भट्ट रहे। फिटनेस मॉडल महिला में प्रियासिंह, आरती खोखर, कविता शर्मा व खुशबू चौधरी विजेता रही। ५५ किलोग्राम तक में प्रेमस्वरुप पचोरी, अर्पित सोनी, प्रतीक व्यास, ५५ से ६० में धनेंद्र साक्या, सुनील चौधरी, रिजवान खान, ६० से ६५ में शाहरूख हुसैन, राजेश भट्ट, इमरान रहमान, ६५ से ७० में प्रीतमसिंह, कामरान, इमरान शेख, ७० से ७५ में लियाकत खान, योगेश शर्मा, जितेंद्र देव, ७५ से ८० में इमरान कुरैशी, रिजवान अहमद, हेमसिंह, ८० से ८५ में परवेज आलम, अशरफ हुसैन, महिपाल कटारिया, ८५ से ९० में भंवरसिंह, अंकुरसिंह, राजवीरसिंह, ९० से अधिक में सुनिल सामरिया, दरियावखान व चंद्रशेखर क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे। मास्टर कैटेगरी में भूपेंद्र व्यास, मोहन सिंह रतन खाड़ेगर व फिटनेस मॉडल पुरुष में इमरान, रहमान, मनीष शर्मा व शहनवाज विजेता रहे। विजेता को ५१ हजार, द्वितीय को २१ तथा तृतीय स्थान पर रहने वाले को ११ हजार का नकद राशि के साथ ट्राफी प्रदान की गई। इसके अलावा हर वर्ग के विजेता को ५१००, २१०० तथा ११०० रुपए का पुरस्कार प्रदान किया गया।

 

राज्य स्तरीय बॉडी बिल्डिंग में छोरियों ने दिखाया जलवा
भीलवाड़ा।
लड़कियां कमजोर नहीं होती है। उन्हें यह कह-कहकर कमजोर बनाया जाता है कि आप छोरी है इसलिए छोरो की तरह नहीं रह सकती है। यह सोच समाज को अब बदलनी होगी क्योंकि अब छोरियां भी छोरो से कम ना है। यह कहना है भीलवाड़ा के नगर परिषद चित्रकूटधाम में आयोजित बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में भाग लेने आई महिला बॉडी बिल्डर का। उन्होंने कहा, महिलाएं अब हर वह काम कर रही है जो पुरुष करते हैं। इसलिए उनका भी हौंसला बढ़ाना चाहिए।


राष्ट्रीय स्तर पर नाम करना चाहती हूं
जयपुर से आई प्रियासिंह ने बताया कि वे जिम में ट्रेनर है। पिछले एक साल से वे बॉडी बिल्डिंग खेल रही है। तीन मार्च को ब्यावर में हुई प्रतियोगिता में वे राजस्थान विजेता बन खिताब जीता। अब वे राष्ट्रीय स्तर पर खेलकर विजेता बनना चाहती है। प्रिया ने कहा, मैने देखा की राजस्थान की लड़कियां इस तरह के खेलों में कम भाग लेती है, एेसे में उनको भी आगे आना चाहिए।


पढ़ाई के साथ करती हूं बॉडी बिल्डिंग
सीकर से आई आरती खोखर ने कहा, समाज में हर जगह लड़कों को ही महत्व दिया जाता है जबकि एेसा नहीं है कि लड़कियां कुछ नहीं कर रही है। वे इस फील्ड में नाम करना चाहती है। इसलिए अब वे पढ़ाई के साथ-साथ बॉडी बिल्डिंग खेल रही है। आरती ने कहा कि महिलाओं को फिट रहना बहुत जरूरी है। शुरूआत में मैने भी जब यह खेल शुरू किया था तो अजीब लगा लेकिन अब शामिल होती हूं तो अच्छा लगता है।


प्राइवेट जॉब के साथ ही खुद की फिटनेस पर ध्यान
जयपुर से आई खुशबू चौधरी ने बताया कि मैं प्राइवेट जॉब करती हूं। सुबह-शाम जिम जाती हूं। खुद को फिट देखती हूं तो अच्छा लगता है। मैं तो महिलाओं को एक ही संदेश देना चाहती हूं कि वे केवल अपनेआप को महिला समझकर रूके नहीं। वह काम करें जो मन में हैं। जिंदगी एक ही बार मिलती है इसलिए अपने लक्ष्य तय कर उसे पूरे करना चाहिए। एेसा करेंगे तो खुद की पहचान बनेगी।


मैं चाहती हूं बीमारियों से दूर रहे महिलाएं
सीकर से आई बीसीए फाइनल ईयर की छात्रा कविता शर्मा ने कहा कि मैं आज की बॉडी बिल्डिंग की प्रतियोगिता में भाग लेने के यहां आई तो पहले घरवालों को मनाया। जरूरी नहीं है कि बॉडी बिल्डिंग से कोई खिताब ही मिले। खुद को फिट रखना बहुत जरूरी है। अभी फास्टफूड का चलन बढ़ा है। इससे महिलाएं व लड़कियां बीमार जल्दी होती है। एेसे में घर के काम के साथ खुद को फिट रखने के लिए समय जरूर निकाले।