राजपूत समाज की इस शादी की समीपवर्ती इलाकों में रही चर्चा: आप भी जानोगे तो सलाम करोगे

उदयपुर/ शुभम कड़ेला. मावली (निप्र). दहेज और शराब सेवन की कुप्रथा को समाप्त करने की पहल करते हुए मावली क्षेत्र के भीमल खेड़ा गांव में राजपूत समाज ने शादी समारोह के माध्यम से अनूठी पहल की है। शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए राजपूत समाज ने कपड़ों की अनावश्यक पेहरावणी पर रोक लगाते हुए इस प्रथा पर भी अंकुश लगाया है।
राजपूत समाज के विजयसिंह कितावत ने बताया कि गांव में ९ फरवरी को रामसिंह कितावत की बेटी ज्ञानकुंवर एवं रठाणा निवासी निर्भयसिंह के पुत्र नाथुसिंह का विवाह हुआ। इसमें वर एवं वधू दोनों प़क्षों ने शादी समारोह में अनुकरणीय मिसाल पेश कर फिजुलखर्ची पर रोक लगाने जैसे कई आदर्श पेश किए। समारोह में वर एवं वधू दोनों पक्षों की ओर से शराब एवं मांस के सेवन पर प्रतिबंध लगाया गया। ये शादी समाज के अलावा भीमल का खेडा गांव में आकर्षण का केन्द्र रही। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने १७ अप्रेल को वाड़ाबावड़ी गांव में शराब और पेहरावणी प्रथा को लेकर समाचारों का प्रकाशन कर कुप्रथा की ओर समाज का ध्यान आकर्षित किया था।
मातृशक्ति ने भरी हुंकार
समारोह में राजपूत समाज ने मातृशक्ति ने भी हुंकार भरी। महिलाओं की ओर से शादी में शराब के सेवन नहीं करने की अपील हुई। महिलाओं ने कहा कि समाज में आमतौर पर शादी समारोह में बारातियों एवं सभी की ओर से शराब सेवन होता है, इससे समाज में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहे थे। समाज की महिलाएं आगे होकर शादी समारोह में शराब सेवन पर प्रतिबंध लगा रही हैं।
हुआ परिवार का सम्मान
शराब एवं मांस मुक्त शादी समारोह की प्रशंसा गांव सहित आसपास के क्षेत्र में हो रहीं है। निर्भया नशामुक्ति समूह की ओर से नशामुक्त शादी समारोह के आयोजन पर दोनों परिवारों का सम्मान भी किया गया। शिव कुंवर राणावत, दशरथसिंह झाला, अशोकसिंह राणावत, रघुराज सिंह झाला, शंकरसिंह राठौड, सुल्ताननाथ चौहान, खुशबु किताव, गोपालसिंह कितावत सहित कई मौजूद थे।