रबी कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाना प्रतिबंधित


मंदसौर.
कलेक्टर धनराजू एस ने सोमवार को जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया। इसका उल्लघंन कर नरवाई जलाने वाले पर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने जिले में रबी की कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इसमें बताया कि रबी कटाई के बाद किसान खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जला देते है। इससे मिट्टी में मौजूद पोषक तत्व एवं मित्र कीट नष्ट हो जाते है। साथ ही जमीन बंजर होती है। नरवाई को जनाने के कारण पर्यावरण भी प्रदुषित होता है। जिसका मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है। खेतों मे लगाई जाने वाली अनियंत्रित आग से रहवासी बस्तियों में भी आग फेलने की आशंका रहती है। जिससे बडी जन-धन हानि हो सकती है। ऐसे स्थिति को रोकने के लिए इस पर अंकुश लगाया जाना अतिआवश्यक है।

 

तेज हवाओं के साथ हुई बूंदाबादी, अंचल में हुई बारिश
मंदसौर.
शहर सहित जिले में सोमवार को दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। तेज धूप से लोगों को राहत तो मिली लेकिन गर्मीका हाल वहीं था। शाम होते-होते आसमान पर छाए बादल और चल रही तेज हवाओं ने फिजा में ठंडक घोल दी। रात तक आंधी का दौर शुरु हो गया। शहर में तो हल्की बूंदाबादी कुछ देर के लिए हुई। बाकी समय धुल भरी आंधी का दौर चलता रहा। लेकिन जिले के अन्य जगहों पर तथा अंचल में तेज बारिश हुई। तो कही पर हल्की तो कही बूंदाबादी हुई। ग्रामीण अंचल में बारिश के कारण किसान खेतों पर रखी अपनी फसल को भीगने से बचाने के लिए जतन करने लगे।इधर हवा चलने के बाद विद्युत फाल्ट के कारण कई जगहों पर बिजली भी गुल हुई।
बदला मौसम का मिजाज, छा रहे बादल, चली धूल भरी हवाएं
पिपलियामंडी.
नगर सहित अचंल में सोमवार को मौसम का मिजाज बदला। प्रात: से ही बादल छाए रहे। रुक.रुककर धूल भरी हवाएं भी चली। शाम को मामूली बंूदा-बांदी हुई। बादल छाए रहने से तेज गर्मी से राहत मिली। हवाएं चलने से लाइन फाल्ट होने से बिजली की लुकाछिपी जारी रही।
तेज हवा के साथ बारीश
सेमलियाहीरा.
गांव सेमलिया हीरा सहित आसपास के गांव निंबोद, सरसोद, खोराना पाडलिया लाल मुंहा सहित अन्य गांव में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। 3 बजे बाद में हवा चलने शुरू हुई। शाम को तेज हवा के साथ हल्की बारिश कई जगह पर हुई।
मगराना.
गांव मगराना सहित आसपास के गांवों में सोमवार की शाम को तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इस दौरान गांव में कई घरों के लोहे के शेडव पतरे उड़ गएतो आंधी से गांव में अफरा-तफरी जैसा माहौल हो गया। किसान खेतों में अपने गेंहू व फसल को ढकने के लिए पहुंचे।