रक्षाबंधन में 10 दिन, सेम्पल की रिपोर्ट आएगी 45 दिन बाद

भीलवाड़ा।
Campaign to stop adulterationरक्षाबंधन में मात्र 10 दिन शेष हंै। इस पर्व पर दूध से बनी मिठाइयों में मिलावट रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग 15 अगस्त तक अभियान चलाएगा। मजेदार बात यह है कि सेम्पल लेने के बाद उसे लैब में भेजा जाएगा। जहां से रिपोर्ट ४५ दिन बाद यानी त्यौहार निकलने के ३५ दिन बाद आएगी। तब तक मिलावटी मिठाई लोगों के पेट में जा चुकी होगी। अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी हर दिन नमूने लेंगे। शाम तक इसकी रिपोर्ट निदेशालय तक भिजवानी होगी। मिलावटी मिठाइयां बिकने पर अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

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Campaign to stop adulteration खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि दूध से बनी मिठाइयों में मिलावट रोकने के लिए अभियान शुरू किया गया है। रोजाना कम से कम चार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाएगा। सैंपल को जांच के लिए जयपुर भिजवाया जाएगा। दूसरे जिलों से बिकने वाले दूध, मावा, घी और पनीर पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जांच में मिलावट पाए जाने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकेगा। अभियान जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में भी चलाया जाएगा।

 

ग्रामीण क्षेत्रों में २०० रुपए किलो घी
मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का ध्यान ग्रामीण क्षेत्र में २०० किलो में बिक रहे घी पर नहीं जा रहा है। अधिकारी मात्र त्योहारी सीजन में ही जांच की खानापूर्ति करते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेन्द्र चौधरी व आनन्द कुमार ने शुक्रवार को मांडल से घी का, केशव चिकित्सालय रिंग रोड स्थित एक होटल से दूध तथा महावीर पार्क के पास स्थित बेकरी से मिस पैकिंग के आधार पर सेम्पल लिए।

 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रकाश शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतिदिन मिठाई, मावे व दूध की दुकानों पर सेम्पल लेंगे। दुकानदारों को साफ-सफाई व स्वास्थ्य मानकों की पालना के निर्देश दिए जा रहे हैं।

 

नहीं रुक रहा नकली घी का कारोबार
जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में नकली घी का कारोबार दिनोंदिन पनप रहा है। अधिकारियों से मिलीभगत से नकली घी का कारोबार चल रहा है। करीब २०० रुपए प्रतिकिलो घी बेचा जा रहा है, जबकि असली घी सवा चार सौ रुपए किलो में भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। शुद्ध गाय का घी तो ८०० रुपए प्रतिकिलो तक भी नहीं मिल पा रहा है।