यूआईटी कर रही निर्माण में यूं गोलमाल

 

भीलवाड़ा. राज कोष खाली होने के बावजूद नगर विकास न्यास (uit) शहर में निर्माण कार्य के नाम पर बेवजह पैसा पानी में बहाने में जुटी हुई है। हालात ये है कि जनता (public) की मनमर्जी के खिलाफ कराए जा रहे निर्माण कार्यों पर अब संगठन भी आपत्ति जताने लगे है। यहां आरसी व्यासनगर में छोटी पुलिया के निकट निर्माणाधीन दधीची सर्किल (छोटी पुलिया चौराहा) के विरोध के बावजूद नगर विकास न्यास ने यहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इससे क्षेत्र में रोष है। दूसरी तरफ नेहरु उद्यान रोड (लव गार्डन) पर तीन वर्ष पूर्व हजारों की लागत से बनाए डिवाइडरों को फिर तोड़ कर बनाए जाने पर भी विभिन्न संगठनों ने रोष जताया है।

यहां आरसी व्यास नगर में छोटी पुलिया के समीप दधीची सर्किल का निर्माण कार्य हो रहा है, लेकिन ये कार्य तकनीकी रूप से सही नहीं होने का आरोप लगाते हुए आम पार्टी के जिला संयोजक रणजीत सिंह कारोही, पार्षद मनीष पालीवाल, ओमप्रकाश पुरोहित व मुकेश शास्त्री आदि ने गत सप्ताह निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इस पर न्यास के सहायक नगर नियोजकअनुपम शर्मा व अधिशासी अभियंता सतीश शारदा ने नए सिरे से सर्किल की डिजायन तैयार कर निर्माण कार्य करवाने का आश्वासन देते हुए निर्माण कार्य बंद करवा दिया।

जनभावना के विपरीत
लेकिन न्यास ने जन भावना के विपरीत दो दिन पूर्व इस सर्किल का निर्माण कार्य फिरपुराने डिजायन में ही करवाना शुरू कर दिया। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि पांच साल पूर्व दधीची सर्किल का निर्माण कार्य आनन फानन में हुआ। एेसे में ये सर्किल हादसे को न्योता दे रहा। इसी सर्किल को दोबारा पुरानी डिजायन के आधार पर ही बनाया जा रहा है। जिससे सर्किल की उपयोगिता नहीं रह पाएगी और ये सर्किल महज अतिक्रमियों का ठौर ठिकाना बन कर रह जाएगा। अधिशासी अभियंता शारदा का कहना है कि सर्किल का कार्य तय डिजायन के अनुरूप बनाया जा रहा।


तीन साल में ही तोडऩे की तैयारी
नेहरु उद्यान रोड (लव गार्डन) को भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए न्यास ने तीन साल पूर्व हजारों रुपए खर्च कर कलात्मक डिवाइडर का निर्माण कराते हुए यहां लोहे की रेलिंग के साथ ही पौधे भी लगाए थे, लेकिन कलात्मक डिवाइडर को फिर तोड़ा जा रहा है और यहां निर्माण के लिए पुरानी टाइल्स को हटा कर यहां अभी बजरी भरी जा रही है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि डिवाइडर अभी नए है और राहगीरों को लुभा रहे है। इसके बावजूद न्यास नए सिरे से यहां डिवाइडर बना कर ठेकेदारों को लाभ पहुंचा रही है।