युवाओं के सपने डांवाडोल: यूथ आइकन का ‘डिब्बा गोल’

भुवनेश पण्ड्या

उदयपुर. युवा व खेल विभाग की मंशा थी कि वह विभिन्न क्षेत्रों से चयन कर प्रति वर्ष एक राज्य स्तरीय यूथ आइकन का चुनाव कर उसे पुरस्कृत करें तो जिला स्तर पर भी एक आइकन को चुना जाए, जो समाज में युवाओं से लेकर खेलों में खिलाडिय़ों के लिए कोई बड़ी प्रेरणा बनकर उभरे, लेकिन ये हो ना सका। सरकार के आदेश पर विभाग की ओर से तैयार की गई ये योजना पूरी की पूरी ही दफ्तर दाखिल हो गई है। सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए बजट के नाम पर एक धेला नहीं दिया।

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इन क्षेत्रों को करना था शामिल विभिन्न विकास गतिविधियों व समाज सेवा के क्षेत्र में खेल, उद्यमिता, अनुसंधान, नवाचार, नेतृत्व, लोककला, साहित्य, सामुदायिक सेवा, विज्ञान व प्रौद्योगिक मीडिया, कला, संस्कृति, खेल मीडिया, फैशन डिजाइनर, शैक्षणिक, कृषि, पर्यावरण व महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले युवाओं को आईकोन के रूप में चयनित करना था।

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ऐसे लागू की जानी थी योजना - 30 युवा प्रेरणा पुरस्कार विभिन्न श्रेणी में दिए जाने थे। इसमें प्रत्येक श्रेणी कम से कम एक पुरस्कार इन प्रतिभाशाली युवाओं में से एक को राज्य स्तरीय युवा आइकोन का चयन करना था, लेकिन इसे चयनित नहीं किया जा सका। - विभिन्न जिलों के युवा प्रेरणा पुरस्कार जीतने वाले उम्मीदवार को पुरस्कार में पदक, प्रमाण पत्र और पचास हजार रुपए नकद व राज्य स्तर पर दो लाख रुपए की नकद राशि दी जानी थी। इसमें उन्हें ही शामिल किया जाना था जिसकी उम्र 15 से 29 वर्ष के बीच हो।

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तो बन सकेगा युवा आइकोन: - तीन वर्षो से प्रारंभिक क्षेत्र में सेवा अर्जित की हो, युवा आईकोन प्रदान करने के बाद भी ऐसी गतिवधियां कम से कम दो वर्ष तक वह जारी रखेगा। - युवा राजस्थान का मूल निवासी हो, उसका परिवार राज्य में निवासरत हो