युरिया खाद के लिए भटक रहे किसान, तहसील की सभी सोसाईटियों में खत्म हुआ स्टाक

मेवाड़ किरण @ नीमच -

अपना मनासा @ भरत कनेरिया
नगर के रानी लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित सोसायटी जहा पर किसान युरिया खाद की ले रहे जानकारी। शासकिय सोसायटीयों में युरिया खाद का स्टाक खत्म होने से किसानों को खाद बीज दूकानदारों से शासकिय मूल्य से परे ढेड गुना दाम चुकाकर युरिया खाद खरीदना पड रहा हैं। ढेड गुना दाम चुकाने के बावजुद भी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रहा, जिसके चलते किसानों को दोहरी मार झेलना पड रही हैं। जो किसानों के लिए एक चिंता का विषय हैं। किसानों को वर्तमान में सबसे अधिक युरिया खाद की आवश्यकता है लेकिन मनासा विकासखण्ड की लगभग सभी शासकिय सोसायटियों में युरिया खाद का स्टाक खत्म हो चुका हैं। ऐसे में किसान दूर दराज ग्रामीण क्षैत्रों से मनासा, रामपुरा, कुकडेश्वर एवं अन्य शहरों में युरिया खाद लेने पंहुच रहा है जहा पर उसको शासकिय मुल्य से परे ढेड गुना दाम पर खाद मिल रहा हैं। ढेड गुना दाम चुकाने के बावजुद भी किसान को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो रहा हैं। जिसके चलते किसान विभिन्न प़कार की समस्याओं का सामना कर रह रहा हैं। युरिया खाद की इतनी मारामारी हे कि किसान मनासा शासकिय सोसायीटियों के गोदाम एवं वेयर हाऊस में पडा करीब 4 साल पुराना खाद भी ले गए।
नगर के रानीलक्ष्मीबाई मार्ग स्थित शासकिय सोसायटी पर युरिया खाद लेने आए बर्डीया जागीर के किसान दशरथ पाटीदार, पिपल्यारावजी के पंकज राठौर, भाटखेडी के श्याम विश्वकर्मा, अनिल सुथार ने बताया कि वर्तमान में युरिया खाद की बहुत ज्यादा आवश्यकता हैं। गेंहु की फसल को अभी युरिया खाद देना संजीवनी के समान हैं। बाद में इसका कोई लाभ नहीं होता लेकिन शासकिय सोसायीटियों में खाद नहीं मिल रहा। सारा काम छोडकर खाद लेने मनासा नगर आए हे लेकिन यहा भी खाद नहीं मिलने के कारण परैशानियों का सामना करना पड रहा हैं। वही खाद बीज वाले ढेड से दो गुना दामों में युरिया खाद बेच रहे हैं। जिससे दोहरी मार का सामना करना पड रहा हैं।
अधिकारीयों के मुताबिक शासकिय सोसायीटियों में 45 किलो ग्राम बैग के 268 रूपए एवं 50 किलो ग्राम बैग के 295 रूपए में दिया जा रहा हैं। वही बाजार में 400 से 450 एवं इससे अधिक रूपए देकर किसान युरिया खाद खरीदने को मजबुर हैं।
• इन सोसायीटियों में खत्म हो चुका युरिया का स्टाक
जानकारी के मुताबिक विकासखण्ड की 21 शासकिय सोसायीटियों में युरिया खाद का स्टाक लगभग पुरी तरह खत्म हो चुका हैं। जिसमें मनासा, भाटखेडी, कंजार्डा, अल्हेड, हांसपुर, पिपल्यारावजी, जालिनेर, कुकडेश्वर, पिपल्याघोटा, कुण्डालिया, रामपुरा, बैसला, चचौर, देवरान, बरलाई, महागढ, चपलाना, नलखेडा, आंंतरी बुजुर्ग, खजुरी एवं कुण्डला में लगभग युरिया खाद का स्टाक समाप्त हो चुका हैं।
• इनका कहना
हमारे पास युरिया का स्टाक पुरी तरह खत्म हो चुका हे, हालात ये हे कि किसान गोदाम एवं वेयर हाऊस में पडा करीब 4 साल पुराना खाद भी ले गए हैं। तीन से चार दीन में युरिया आने वाला हे जिसके बाद किसानों को युरिया खाद के लिए परेशान नहीं होना पडेगा - मुकेश पाटीदार संस्था प्रबंधक मनासा

Source : Apna Neemuch