यहां मुर्दों तक की नहीं होती सही देखरेख

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच. जिला चिकित्सालय में स्थित शवगृह में विषम परिस्थितियों में रखे शवों में से बदबू आने लगती है। इसकी प्रमुख वजह वहां बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होना है। इस बात पुष्टि अस्पताल स्टॉफ स्वयं करते हैं।

घंटों बिजली कटौती में आती समस्या
जिला चिकित्सालय स्टॉफ द्वारा उपलब्ध कराई जानकारी अनुसार रेडक्रास सोसायटी द्वारा संचालित शवगृह उचित देखभाल के अभाव में भगवान भरोसे चल रहा है। यहां वातानुकूलित उपकरण तो लगाए गए हैं, लेकिन जब बिजली कटौती होती है या मैंटेनेंस के चलते बिजली बंद की जाती है तब परेशानी बढ़ जाती है। आपातकालीन परिस्थितियों में शवगृह में दो दिन तक शव को सुरक्षित रखा जाता है। इस दौरान बिजली कटौती होने पर किसी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था शवगृह पर नहीं है। इसके चलते दो से तीन घंटे लगातार कटौती होने की स्थिति में शव में से बदबू आने लगती है। अस्पताल प्रबंधन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसे हालात निर्मित न हो इसके लिए जिला चिकित्सालय महीनों से खराब पड़े दो जनरेटरों में से एक को ठीक कराबर शवगृह में उपयोग में लिया जा सकता है। इससे जनरेटर का भी वाजिब उपयोग हो जाएगा और शवगृह की समस्या का भी स्थाई समाधान निकल आएगा।

किया जा सकता है उपयोग
दो जनरेटर खराब पड़े हैं। उनकी उपयोगिता नहीं होने की वजह से ठीक नहीं कराए हैं। शवगृह केंद्र पर जनरेटर नहीं है। आवश्यकता पडऩे पर इन जनरेटर का उपयोग वहां किया जा सकता है।
- डा. बीएल बोरीवाल, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक