मोबाइल नम्बर की क्लोनिंग कर जापान में भेजे हजारों मैसेज, जब पता चला तो होश उड़ गए !

मोहम्मद इलियास/उदयपुर . नाइजीरिया के ठगों की तर्ज पर कुछ विदेशी ठगों ने शहर की एक वृद्धा के मोबाइल नम्बर की क्लोनिंग ( SIM Cloning) कर उससे जापान में करीब 27 हजार लोगों को गिफ्ट, वाउचर व अन्य तरह के एसएमएस कर डाले। मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी ने जब लिमिट पार होने का मैसेज भेजा तो इसका खुलासा हुआ। पीडि़ता ने इस संबंध में भूपालपुरा थाने (udaipur police) में परिवाद पेश किया है। पुलिस ने परिवाद दर्ज कर जांच साइबर सेल को भिजवाई है।
महज डेढ़ दिन में विदेशों में इतने सारे मैसेज होने पर वृद्धा व उसके परिजनों के होश उड़ गए। मैसेज प्राप्त करने वाले प्रत्येक जापानी के नम्बर वृद्धा के मोबाइल में दिख रहे हैं। वृद्धा व उसके परिजनों ने मोबाइल कंपनी को सूचित करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय कॉल सर्विस बंद करवाई।

कंपनी से एसएमएस आने पर हुआ खुलासा
वृद्धा ने रिपोर्ट में बताया कि उसके मोबाइल नम्बर से किसी अज्ञात व्यक्ति ने 11 अप्रेल 2019 को +819011083528, +819083951025 जैसे कई विदेशी नम्बरों पर 20 हजार से ज्यादा एसएमएस भेजे। इसका खुलासा मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी से एसएमएस आने पर हुआ। कंपनी ने उसे बताया कि इस नम्बर को उपयोग लिमिट से कई गुना ज्यादा हो गया है जबकि उसने एक भी मैसेज नहीं किया। वृद्धा व परिजनों का कहना था कि इन अज्ञात नम्बरों का पता नहीं लगाया गया तो उसे संबंधित कंपनी को उक्त मैसेज का भुगतान करना पड़ेगा जो संभवत: प्रति एसएमएस के 10 रुपए के हिसाब से 2.70 लाख रुपए बनता है।

सब मैसेज जापानी भाषा में
वृद्धा के मोबाइल नम्बर से भेजे गए सभी एसएमएस जापानी भाषा में थे। कुछ मैसेज को वृद्धा ने डिलीट कर दिया तथा कुछ का रिकॉर्ड पुलिस को उपलब्ध करवाया है। जांच में पता चला कि ये सभी एसएमएस जापान में अलग-अलग लोगों को किए गए। इनमें पार्सल डिलीवर, वाउचर गिफ्ट व अन्य तरह के मैसेज शामिल है।

वृद्धा के नम्बर पर ऐसे कई मैसेज आने पर परिजनों ने परिवाद पेश किया है। साइबर सेल से मदद लेकर इसकी जांच की जा रही है। - राजेश यादव, भूपालपुरा थानाधिकारी

लुभावने संदेश व एसएमएस भेजकर ठगों ने निश्चित रूप से पीडि़ता से स्वीकृति के लिए क्लिक करवा लिया होगा। उसके बाद उन्होंने इस नम्बर से जापानी में एसएमएस भेजे। मैसेज करने वालों को संदेश भेजने का भुगतान मिल गया होगा लेकिन पीडि़ता से संबंधित कंपनी इसका भुगतान मांग रही होगी। मोबाइल पर आने वाले मैसेज से लोग सावचेत रहें। - अभिषेक धाबाई, साइबर एक्सपर्ट