मिलावटी घी बेचने वाले डिस्ट्रीब्यूटर को 06 माह का सश्रम कारावास

मेवाड़ किरण @ नीमच -

जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 09 वर्ष पूर्व दिनांक 06.10.2009 को दोपहर के लगभग 01.00 बजे खाद्य निरीक्षक राजु सौलंकी नियमित निरीक्षण हेतु अमृत मंथन प्रेस के पास स्थित एक फर्म पर पहुचे जहॉ पर किराना सामग्री का विक्रय किया जाता था। खाद्य निरीक्षक द्वारा निरीक्षण के दौरान बेचने के लिए दुकान में रखे श्री अर्पण एगमार्क स्पेशल ग्रेड शुद्व घी के तीन पैकेट नमूना जॉच हेतु 150 रू. नकद भुगतान कर लिया, जिसकी जॉच लोक विश्लेषक, राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल से करायी, जिससे प्राप्त रिपोर्ट में घी मिलावटी होकर मानव स्वस्थ्य के लिए हानिकारक होना बताया, जिस कारण घी के वितरक के विरूद्ध न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया।
नरेन्द्र कुमार भंडारी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा मेसर्स श्री बालाजी इण्डस्ट्रीज, गंजबासौदा के वितरक आरोपी मनोज पिता मुन्नालाल अग्रवाल, उम्र-34 वर्ष, निवासी-42, स्टेशन रोड,गंजबासौदा, जिला-विदिशा (म.प्र.) को धारा 7(1) सहपठित धारा 16(1)(क)(1) खाद्य अपमिश्रण अधिनियम, 1954 के अंतर्गत 06 माह के सश्रम कारावास एवं 1000 रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया।

Source : Apna Neemuch