मदांकिनी की कुच्चीपुड़ी प्रस्तुति ने विद्यार्थियों का मन मोहा

उदयपुर. स्पिक मैके (सोसायटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इण्डियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चरल एम्गस्ट यूथ) की ओर से विश्व नृत्य दिवस शृंखला के पहले दिन विरासत 2019 में कुच्चीपुड़ी नृत्यांगना मदांकिनी त्रिवेदी की प्रथम प्रस्तुति शनिवार सुबह सीडलिंग मॉडर्न स्कूल एवं द्वितीय प्रस्तुति द स्टडी स्कूल उदयपुर में दी गई। उदयुपर चैप्टर चैयरपर्सन संजय दत्ता ने बताया कि कार्यक्रम का आगाज मदांकिनी त्रिवेदी ने साथी कलाकार अनर सेठ के साथ गणपति वंदना से की। कुच्चीपुड़ी का इतिहास बताते हुए नृत्य में प्रयुक्त ग्रीवा संचलन, नेत्र संचलन, पाद संचलन की महत्ता बताई। नाट्य शास्त्र में वर्णित नौ रसों में हास्य, करुण, रौद्र, वात्सल्य, विभत्स, वीर, क्रोध जैसे रसों की उत्पत्ति से नृत्य को सुन्दर बनाते हुए मां यशोदा और कृष्ण के वात्सल्य में भगवान कृष्ण की बाल क्रीड़ाओं में माखन चोरी, पालने में झुलाना, डांटना और अंत में बाल कृष्ण का मां यशोदा की गोद में सो जाना आदि प्रसंगों को देख विद्यार्थी मंत्रमुग्ध हो गए। उदयपुर चैप्टर कॉर्डिनेटर डी.के. गुप्ता ने बताया कि कुच्चीपुड़ी नृत्यांगना मदांकिनी त्रिवेदी ने साथी कलाकारों के साथ बच्चों को कुच्चीपुड़ी नृत्यशैली की विभिन्न विधाओं से अवगत कराया। डीके गुप्ता ने बताया अगली प्रस्तुति उदयपुर में 23 अप्रेल 2019 को होगी, जिसमें पद्मश्री दर्शना जावेरी मणिपुरी नृत्य प्रस्तुत करेंगी।
देवेन्द्र सिंह राठोड़ एवं हरदीप बक्शी ने स्पिक मैके को छात्रों के हित में आयोजन को लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया। कीर्ति माकन, डीके गुप्ता का विशेष सहयोग रहा।