भैंस कोर्ट में पेश नही करने वाले आरोपी को सजा

मेवाड़ किरण @ नीमच -

जिला अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दीपचंद विरूद्ध गंगाराम के सिविल वाद में मद्यून गंगाराम के विरूद्ध व डिक्रीदार दीपचंद के पक्ष में 10,597रू. की डिक्री पारित की, जिसकी वसूली के लिए डिक्रीदार दीपचंद ने न्यायालय में आवेदन पेश किया था, जिस पर से चले बजावरी प्रकरण में न्यायालय द्वारा उक्त रकम की वसूली की कार्यवाही का आदेश किया। न्यायालय के पालन में न्यायालय के कर्मचारी द्वारा आरोपी गंगाराम से ग्राम-कडी खुर्द स्थित उसके घर से दिनांक 05.10.2010 को लगभग 4,000 रू. कीमत की एक काली भैंस को कुर्क कर उसको इस शर्त पर सुपुर्दगी पर दिया कि न्यायालय के द्वारा आदेश किये जाने पर उसकों न्यायालय में प्रस्तुत करना होगा। इसके पश्चात् न्यायालय द्वारा आरोपी गंगाराम को कुर्क भैंस को न्यायालय में प्रस्तुत करने का नोटिस देने के बावजूद भी उसके द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत नही की, जिस कारण उसके विरूद्ध पुलिस थाना कुकडेश्वर में अपराध क्रमांक 22/2011, धारा 406 भादवि के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना उपरांत पुलिस कुकडेश्वर द्वारा चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
श्री धर्म कुमार, न्यायिक दण्डिधिकारी प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा आरोपी गंगाराम पिता मांगूदास बैरागी, उम्र-68 वर्ष, निवासी-ग्राम कड़ी खुर्द, तहसील मनासा, जिला-नीमच को धारा 406 भादवि (अमानत में खयानत करना) के अंतर्गत न्यायालय उठने तक के कारावास एवं 2,500 रू. जुर्माने से दण्डित किया।

Source : Apna Neemuch