भाजपा ने लगाए स्कूलों पर ताले, कांग्रेस ढूंढ़ रही चाबी, जिले के 577 स्कूलों का फिर तय होगा भविष्य

चन्दनंसिंह देवड़ा/उदयपुर . भाजपा सरकार ने प्रदेशभर में 3,717 स्कूलों को एकीकरण कर नजदीकी विद्यालय का समायोजन किया था। इसमें उदयपुर जिले के 577 स्कूल शामिल हैं। कांग्रेस की नई सरकार ने हरकत में आते ही उन स्कूलों का आंकड़ा मांग लिया जिन्हें आरटीई नियमों की अवेहलना करते हुए एकीकरण के तहत बंद कर दिया गया जबकि उन्हें खुला रखे जा सकता था। कुल मिलाकर भाजपा राज में बंद हुए स्कूलों को पुन: खोलने के लिए कांग्रेस सरकार चाबी ढूंढ रही है। सरकार ने जिला शिक्षा अधिकारियों से समीक्षात्मक रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर बंद स्कूलों का भविष्य तय होगा।

प्रारम्भिक शिक्षा (आयोजना) विभाग की उपशासन सचिव ज्योति चौहान ने आदेश जारी कर सभी संयुक्त निदेशकों से अपने-अपने मंडल के उन स्कूलों का डाटा मांगा है जिनको 2014-15 और 2017-18 में प्राथमिक से उच्च प्राथमिक या अन्य विद्यालय में समायोजित कर दिया गया था।

जिले में बंद हुए थे 577 स्कूल

जिले में भाजपा राज में 577 स्कूल सायोजित कर दिए गए थे। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम कार्यालय के तहत शहरी क्षेत्र के 38 एवं ग्रामीण क्षेत्र के 243 स्कूल शामिल थे। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक द्वितीय कार्यालय के अधीन 296 स्कूलों को मर्ज कर दिया गया था। अब इन स्कूलों के भौतिक संसाधनों, भौगोलिक परिस्थिति की दोबारा जानकारी मांगी है ताकि इन पर पुनर्विचार किया जा सके।

 

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इनका कहना.......

उदयपुर मंडल के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से समायोजित हुए स्कूलों के बारे में तीन बिन्दुओं पर समीक्षात्मक जानकारी मांगी गई है। प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेजा जाएगा। - भरत मेहता, संयुक्त निदेशक, उदयपुर मंडल

गत 5 वर्षों में आरटीई नियमों को दरकिनार कर जो स्कूल समायोजित किए गए जिससे कई बच्चे शिक्षा से वंचित हुए। इन स्कूलों को पुन: खोला जाता है तो बच्चों और शिक्षकों के लिए बेहतर कदम होगा। - शेरसिंह चौहान, वरिष्ठ : उपाध्यक्ष राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ