ब्रेल लिपि में रहेगा डमी बेलेट पेपर, आंखों की कमजोरी दूर करेगा मेगनीफाईन ग्लास

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच. लोकसभा चुनाव में दृष्टिहीन दिव्यांगों की सुविधा के लिए ब्रेल लिपि में डमी बेलेट पेपर रहेगा, जिसे हाथों से पढ़कर दिव्यांग यह जान जाएंगे कि किस नंबर पर कौन प्रत्याशी या पार्टी है, वहीं जिनकी आंखें कमजोर है उनके लिए मेगनीफाईन ग्लास की सुविधा हर सुगम मतदान केंद्र पर रहेगी। यह सुविधा विधानसभा चुनाव के दौरान नहीं थी।
लोकसभा चुनाव में दिव्यांगों के मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए शासन ने कमर कस ली है। विधानसभा चुनाव के दौरान जो कमी दिव्यांगों को मतदान करने में नजर आई, लोकसभा चुनाव में उन्हें दूर करने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। अब दृष्टिहीन दिव्यांगों को मतदान से पहले नंबर के आधार पर प्रत्याशी की पहचान करने के लिए डमी बेलेट पेपर और कमजोर नजर वाले लोगों के लिए मेगनीफाईन ग्लास की सुविधा रहेगी।
दिव्यांगों को मतदान केंद्र पर किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े, ओर अधिक से अधिक दिव्यांग मतदान करें, इसलिए भोपाल में गुरुवार को एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नीमच से दिव्यांग जिला नोडल अधिकारी एसआर श्रीवास्तव, एनजीओ के सदस्य उमेश चौहान और गणपत सुतार ने भाग लिया। इस बैठक में सभी जिलो से ३-३ लोगों की टीम आई थी। इस एक दिवसीय प्रशिक्षण में उन सभी पहलुओं पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे लोकसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़े।
दिव्यांग जिला नोडल अधिकारी एसआर श्रीवास्तव ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रशासनिक एकेडमी भोपाल में प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें सुगम मतदान केंद्र पर दिव्यांगों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में बताया गया, उन्होंने बताया कि वैसे तो विधानसभा चुनाव में सभी सुविधा मुहैया कराई थी। लेकिन लोकसभा चुनाव में दृष्टिहीन दिव्यांगों के लिए डमी बेलेट पेपर की सुविधा रहेगी। यह डमी पीठासन अधिकारी के पास रहेगी। जिसमें ब्रेल लिपि में एक तरफ नंबर तो दूसरी ओर चुनाव चिन्ह की आकृति होगी, जिसे हाथों से पढ़कर दृष्टिहीन दिव्यांग महसूस कर लेगा कि किस नंबर पर कौन सा प्रत्याशी है और उसे किसे मतदान करना है। इसी प्रकार कमजोर नजर वाले लोगों के लिए मेगनीफाईन ग्लास की सुविधा रहेगी। ताकि वे उस ग्लास से देखकर मतदान कर सकें। ताकि उन्हें मतदान करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।
प्रदेश में ६१ प्रतिशत हुआ था दिव्यांगों का मतदान
लोकसभा निर्वाचन २०१९ में दिव्यांगजनों के सुगम मतदान के लिए प्रणाली का संवेदनीकरण एवं प्रशिक्षण में दिल्ली से एके पाठक और सुजीत मिश्रा आए थे। जिन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में दिव्यांगों का ६१ प्रतिशत मतदान हुआ था। जो अन्य प्रदेशों की तुलाना में काफी बेहतर हुआ, उन्होंने बताया कि सुगम मतदान की सुविधा पहली बार मध्यप्रदेश में शुरू हुई थी। वहीं अन्य प्रदेशों में पहले से चल रही है। लेकिन फिर भी मध्यप्रदेश में दिव्यांगों का मतदान प्रतिशत अन्य प्रदेशों की अपेक्षा अधिक रहा।
सुगम मतदान केंद्र पर आने वाले मुकबधिर दिव्यांगों की सुविधा के लिए इस बार सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण भी विभिन्न अधिकारियों कर्मचारियों को दिया जाएगा। ताकि मतदान के दिन वे मुकबधिर से आसानी से बात कर सकें। इसके लिए भोपाल से प्रशिक्षण लेकर आ रही टीम द्वारा लोकसभा चुनाव से पहले निर्धारित दिनों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
----------------