बिजली लाइन के पास हो रहा था दुकानों का निर्माण, करंट लगने से दो मजदूर युवतियों की मौत, पांच घंटे तक नहीं होने दिया पोस्टमार्टम

प्रतापगढ. शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रविवार सुबह निर्माणाधीन दुकान पर काम कर रही दो युवतियां पास से गुजर रही विद्युत लाइन की चपेट में आ गई। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ठेकेदार फरार हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस और एम्बु़लेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस से दोनों शव जिला चिकित्सालय पहुंचाए गए। वहां मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। इस बीच अजमेर डिस्कॉम ने ठेकेदार के खिलाफ बिजली लाइन के निकट अवैध रूप से निर्माण करने और हादसा करने का मामला पुलिस में दर्ज कराया गया है।
शहर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बस स्टैण्ड के निकट बोहरा समुदाय की दरगाह है। उसके पास ही कुछ दुकानों का निर्माण कराया जा रहा था। रविवार सुबह रामकन्या बाई (25) पत्नी जालम सिंह निवासी पांच इमली थाना प्रतापगढ़ और गंगाबाई(30) पत्नी नारायण निवासी बांडीखाली थाना सुहागपुरा दोनों छत पर काम कर रही थी। इस करीब 11 बजे एक युवती का हाथ पास से गुजर रही बिजली की लाइन के तारों से छू गया। उसकी चीख सुनकर दूसरी युवती उसे बचाने आई लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गई। करंट इतना तेज था कि दोनों के शरीर में आग लग गई। दोनों के शरीर से लपटें उठने लग गई। करंट से एक महिला का एक पैर जलकर राख हो गया, जबकि दूसरी महिला का आधा शरीर बुरी तरह जल गया। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और डिस्कॉम में फोन कर बिजली बंद कराई और पानी डाल कर आग बुझाई। इस बीच सूचना पाकर प्रतापगढ़ थाना पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंंची। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचाए गए। वहां से पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।
मुआवजे की मांग को लेकर अड़े परिजन
दोपहर बारह बजे तक दोनों महिलाओं के परिजन जिला चिकित्सालय पहुंच गए। वे मुआवजा देने की मांग को लेकर अड़ गए और पोस्टमार्टम नहीं करने दिया। इस बीच पुलिस ने दुकान का काम कर रहे निर्माण ठेकेदार के प्रतिनिधियों केा बुलाया। इस बीच दोनों पक्षों में मुआवजे को लेकर राजीनामा हो गया। तब जाकर शाम पांच बजे बाद पोस्टमार्टम शुरू हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डिस्कॉम ने ठेकेदार पर करवाया मामला दर्ज
घटना स्थल पर दुकान के बिलकुल पास से बिजली की लाइन गुजर रही है। दुकान का काम करवाने वालों और ठेकेदार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बिजली से सुरक्षा का कोई उपाय नहीं किया। अजमेर डिस्कॉम के अधिशासी अभियंता ने रविशंकर गुप्ता ने बताया कि दुकान का काम ठीक बिजली लाइन के नीचे हो रहा था। इसके लिए पहले भी ठेकेदार को पाबंद कर काम रूकवा था। इसके बावजूद उसने काम जारी रखा। वहां बिजली की लाइन पहले से ही गुजर रही थी। कोई भी निर्माण होने से पहले इसे देखा जाना चाहिए था। इस मामले में डिस्काम के कनिष्ठ अभियंता की ओर से प्रतापगढ़ थाने में ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करवाया गया।

बिजली कटौती थी, थोड़ी देर के लिए आई और हो गया हादसा
जिला मुख्यालय पर डिस्कॉम ने रविवार को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक बिजली कटौती घोषित की थी। लेकिन बिजली की टेस्टिंग के लिए सुबह 11 बजे थोड़ी देर के लिए बिजली चालू की और उसी समय यह हादसा हो गया।


मुआवजे को लेकर अड़े परिजन, शाम को हुआ पोस्टमार्टम
हादसे के बाद पुलिस की ओर से दोनों युवतियों को जिला चिकित्सालय पोस्टमार्टम के ले जाया गया था। जहां परिजन चिकित्सालय पहुंच मुआवजे की मांग करने लगे। शाम तक मुआवजे की मांग पर ठेकेदार व परिजनों की बीच समझौता चलता रहा, लेकिन मुआवजा राशि कम होने के कारण एक युवती के परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कहते हुए जिला चिकित्सालय से निकल गए।इसके बाद बांसवाड़ा रोड पर डिप्टी व शहर कोतवाल ने मौके पर पहुंच परिजनों से समझाईश की। उन्हें जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जहां मुआवजे की राशि पर सहमति बनने के बाद शाम को पोस्टमार्टम करवाया गया।

मौके पर नहीं पहुंचे प्रशासन के अधिकारी
युवतियों की मौके पर मौत होने के सूचना पर शहर कोतवाल मौके पर पहुंचे थे। इसके बाद शवों को जिला चिकित्सालय ले जाया गया था। इस दौरान मौके पर ना तो पुलिस का व ना ही प्रशासन का कोई अधिकारी दिखा। इसके बाद एक युवती के परिजन मुआवजे की राशि को लेकर बिना पोस्टमार्टम करवाए जिला चिकित्सालय से बाहर निकल गया था। हालांकि इसकी सूचना मिलने पर डिप्टी व शहर कोतवाल ने लोगों को बांसवाड़ा रोड पर समझाइश कर जिला चिकित्सालय भेज दिया था। जिसके बाद प्रशासन से जिला चिकित्सालय में पटवारी मौके पर पहुंचे।