बांसवाड़ा में अपारंपरिक स्रोत से ऊर्जा उत्पादन पर विश्व संगोष्ठी कल से, देश-विदेश के प्रतिनिधि शामिल होंगे

बांसवाड़ा. अपारंपरिक स्रोत से ऊर्जा उत्पादन की आधुनिक तकनीक पर दो दिवसीय विश्व संगोष्ठी का आयोजन राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय में 11 व 12 फरवरी को होगा। दो दिन तक अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पावर जनरेशन की संभावनाओं पर मंथन किया जाएगा। संगोष्ठी में देश-विदेश के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विरेश फुसकुले ने बताया कि उद्घाटन सुबह 11:30 बजे मुख्य अतिथि गोविन्द गुरु जनजाति विवविद्यालय के कुलपति कैलाश सोडानी करेंगे। समारोह में प्रथम दिन प्रोफेसर आर.एम. सरवइया प्रोफेसर एमएएनआईटी. भोपाल, अध्यक्षता डॉ. प्रशान्त बरेदर चेयरमैन एनर्जी सेन्टर, एमएएनआईटी भोपाल, डॉ. अरनब सरकार सहआचार्य आईआईटी बीएचयू, डॉ. बिपलव पॉल प्राचार्य एसआरआईएसटी जबलपुर, आदित्य शर्मा, एचआर मैनेजर एलएनजे गु्रप बांसवाड़ा से अतिथि एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे। समारोह के दूसरे दिन दो सत्र होंगे, जिसका समापन सत्र दोपहर 2:30 बजे होगा। इस कान्फ्रेंस का ध्येय अपारंपरिक स्रोत की जानकारी साझा करने के साथ इन स्रोतों से अधिक से अधिक ऊर्जा उत्पन्न करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। प्राचार्य डॉ. शिवलाल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विश्व स्तर पर बांसवाड़ा की छवि को उभारना है। क्षेत्र में हवा एवं पानी से बायोमास और सौर ऊर्जा के भरपूर स्रोत हैं। प्रदेश में केवल बांसवाड़ा से ही कर्क रेखा गुजरती हैं। अत: इसके प्रभाव का असर और राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार का इस क्षेत्र की ओर ध्यान आकर्षित करना है। कार्यक्रम के संयोजक मोहम्मद आरिफ खान, साहिल बंसल, शुभम अवस्थि एवं डॉ. जिगनेश पटेल ने तैयारियों का अवलोकन किया। कान्फ्रेंस में लगभग 80 शोधपत्र पढ़े जाएंगे।