बांसवाड़ा : फ्रेंडशिप डे के एक दिन पहले गिरफ्तार हुए व्यापारी को लूटने वाले तीन दोस्त, एक 12वीं का छात्र और दो साथी बेरोजगार

बांसवाड़ा. शहर के डेगली माता चौक पर गत दिनों व्यापारी का रुपए से भरा बैग लूट कर ले जाने की वारदात का आरोपी बारहवीं का छात्र और उसके दो बेरोजगार साथी निकले हैं। वारदात का पर्दाफाश करते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बैग भी बरामद कर लिया है। पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने बताया कि 28 जुलाई को खांदू कॉलोनी निवासी रत्नेश जैन पुत्र रमेशचन्द्र ने डेगलीमाता स्थित अपनी दुकान बंद कर रहा था। पास में रुपए से भरा बैग रखा था। तभी बाइक पर दो जने आए और व्यापारी के बैग चुरा ले गए। बैग में करीब 40 हजार की नकदी रखी हुई थी।

वारदात के बाद व्यापारी एवं अन्य लोगों ने आरोपियों का पीछा किया, लेकिन वे भाग निकले। पुलिस की नाकाबंदी भी हुई, लेकिन आरोपियों का सुराग नहीं लगा। वारदात के बाद कोतवाली थाना प्रभारी शैतानसिंह नाथावत के निर्देशन में टीम गठित की। टीम ने इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेजों को खंगालने के साथ मुखबिरों को सक्रिय किया। मुखबिरों ने वारदात में बारी डायलाब के तीन युवकों पर संदेह जताया। इनमें बारी डायलाब निवासी विनोद (21) कुमार पुत्र कुशमल निनामा, अंशुल निनामा (19) पुत्र रामलाल तथा पीपलोद निवासी संजय (20) पुत्र छगनलाल निनामा शामिल थे।

पुलिस की निगरानी, भनक पर फरार
एसपी ने बताया अनुसंधान में संदिग्ध रूप से आरोपियों की पहचान होने पर पुलिस ने तीनों पर निगरानी रखना शुरू किया। इसकी भनक पर आरोपी अपने घरों से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। शुक्रवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी डायलाब की पाल के पास बाइकों पर देखे गए हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया। इस दरम्यान आरोपियों ने भागने का भी प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे। बाद में कोतवाली लाकर पूछताछ की तो उन्होंने सच उगल दिया।

पहले भी वारदात
सीआई ने बताया कि आरोपी विनोद आदतन अपराधी है। इससे पूर्व सालमगढ़ इलाके में एक लूट की वारदात हुई थी। इसमें आरोपी विनोद था, जिसने करीब एक लाख 18 हजार की लूट की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों से करीब 16 हजार की नकदी बरामद कर ली गई है। शेष नकदी के बारे में पूछताछ की जा रही है। उनके कब्जे से बैग में रखी चाबियां एवं डायरियां बरामद हो गई हैं।

मौज मस्ती के लिए लूट
सीआई नाथावत ने बताया कि आरोपी विनोद एवं संजय बेरोजगार हैं और अंशुल कक्षा बारहवीं का छात्रा है। आरोपियों ने मौज मस्ती के लिए वारदात का अंजाम दिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात के दौरान एक शख्स ने पूरी वारदात की रैकी की थी। वह वारदात के दिन भी मौके पर खड़ा था।

क्रिकेट के मैदान में दोस्ती, रुपयों की जरूरत ने बना दिया लुटेरा
पुलिस के हत्थे चढ़ा बारहवीं में पढऩे वाला आरोपी बड़वी के स्कूल में अध्ययनरत है। स्कूल के बाद अंशुल मजदूरी का कार्य भी करता था। डेगली माता चौक पर वारदात करने से करीब दो माह पूर्व अंशुल की दोस्ती आइटीआइ के मैदान में क्रिकेट खेलने के दौरान संजय से हुई। इसी दौरान विनोद भी वहां खेलने के लिए आने लगा। इससे तीनों में पक्की दोस्ती हो गई। इसके बाद मौज मस्ती भी परवान चढऩे लगी तो रुपयों की आवश्यकता महसूस होने लगी। इस पर तीनों ने चोरी की योजना बनाई। तीनों दो मोटरसाइकिलों पर डेगली माता चौक आए और वहां पूरी रैकी की।

एक पर अशुंल और संजय थे व दूसरी बाइक पर विनोद था। इसके बाद जैस ही रत्नेश दुकान बंद करने लगा तो संजय ने बैग उठाया और गणेश चौक, मकरानीवाड़ा, सूरजपोल होते हुए सिंगपुरा की तरफ निकल गए। रास्ते में बैग खोला तो उसमें करीब 40 हजार रुपए, चाबियां एवं डायरियां रखी थी। इनमें से करीब 25 हजार रुपए संजय और विनोद ने ले लिए। इसलिए बनाया निशाना: सूत्रों के अनुसार रत्नेश जैन की ओर से ब्याज पर रुपए देने का कार्य किया जाता है, जो उसने पीपलवा, बारी सियातलाई, डायलाब सहित अन्य इलाकों में दे रखा है। तीनों के ध्यान में रत्नेश ही था और इसीलिए उसे शिकार बनाया।