बांसवाड़ा : गरीबों के हक का 929 क्विंटल गेहूं डकारकर फरार हो गया था डीलर, दस महीने के बाद पुलिस ने दबोचा

बांसवाड़ा. गरीब के हक का गेहूं के गबन के आरोपी राशन डीलर को सदर थाना पुलिस ने करीब दस माह बाद शुक्रवार को गिरफ्तार किया। आरोपी राशन डीलर रमेश पर करीब 929.55 क्विंटल गेहूं के गबन का आरोप है। सीआई बाबूलाल मुरारिया ने बताया कि रसद विभाग के प्रर्वतन अधिकारी मणि खींची ने 19 सितंबर 2018 को एक रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें बताया कि ग्राम पंचायत झूपेल भाग-प्रथम का उचित मूल्य दुकानदार रमेश पुत्र पुनिया ने राशन सामग्री वितरण में अनियमितता करने पर उसका दिसंबर 2012 में उसका प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया था। साथ ही अवशेष राशन सामग्री का हस्तांतरण करने के लिए निर्देशित किया गया था। रिपोर्ट अनुसार रमेश के पास 929.55 क्विलंटल गेहूं स्टॉक में उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन वह स्टाक में उपलब्ध नहीं हुआ। इसके अलावा उक्त गेहूं का हस्तांतरण भी नहीं किया गया। इस तरह 929.55 क्विंटल गेहूं का गबन एवं दुरुपयोग करना सामने आया। जो रसद विभाग की प्राथमिक जांच मे प्रमाणित भी पाया गया।

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बड़ा गबन
रिपोर्ट अनुसार आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया तो सामने आया कि आरोपी झूपेल गरनावट निवासी रमेश को सितम्बर 2016 से नवम्बर 2017 तक ग्राम पंचायत झुपेल भाग-प्रथम की उचित मूल्य दुकान के लिए कुल 1746 क्विंटल गेहूं का आवंटन किया गया, लेकिनउसने 1684.73 क्विंटल गेहूं का ही वितरण किया । ऐसे में करीब 61.27 क्विंटल गेहूं अवशेष रहता है। इसी प्रकार उक्त अवधि में सियापुर की उचित मूल्य दुकान के लिए 3069.00 क्विंटल गेहूं दिया गया। उसके द्वारा 2200.72 क्विंटल गेहूं का वितरण किया गया एवं 868.28 क्विंटल गेहंू अवशेष रहता है। इस प्रकार दोनो दुकानों पर कुल 929.55 क्विंटल गेहूं अवशेष बनता है, लेकिन उक्त गेहूं डीलर के पास उपलब्ध नही था।

लंबे समय से फरार
रमेश गेहूं के गबन का आरोप सिद्ध होने के बाद से फरार था। आरोपी की तलाश में कई बार दबिशें दी गई लेकिन वह हाथ नहीं आया। अब मुखबिर की सूचना पर आरोपी के घर आने की बात सामने आई तो उसे दबोच लिया गया।