बसने से पहले उजाड़ हुई प्रियदर्शिनी नगर के दिन फिरेंगे

भीलवाड़ा। राजस्थान आवासन मंडल की जिले में पांच आवासीय कॉलोनियों में सालों से वीरान पड़े ७०९ आवास के दिन फिरने वाले हैं। इनमें सुवाणा स्थित प्रियदर्शिनी नगर को नए सिरे से बसाने की मशक्कत शुरू की गई है। यहां नौ सौ में से निरस्त हुए ५६४ आवास का फिर से आवंटन किया जाएगा। आवासन मंडल निरस्त हुए सभी आवासों की बिक्री ऑनलाइन नीलामी से की जाएगी।

बजट घोषणा के अनुसार मंडल ने प्रदेश के 42 शहरों में एक साथ 9605 आवासों को योजनावार जीरो से 50 फीसदी तक की छूट में बेचने की तैयारी कर ली है। ऑनलाइन नीलामी के लिए पंजीयन प्रक्रिया 20 सितंबर से शुरू होगी। पंजीयन राशि 590 रुपए होगी। ऑनलाइन बोली 30 सितम्बर से 04 अक्टूबर तक होगी। बोली लगाने से पूर्व आवेदक प्रस्तावक को आवास के आरक्षित दर के 5 फीसदी राशि अग्रिम जमा करवानी होगी। बोली में सफल प्रस्तावक को ऑनलाइन सूचित किया जाएगा। उसे अगले 72 घंटे में बोली की लागत की शेष 5 फीसदी राशि और जमा करवानी होगी। आवास की शेष ९० फीसदी राशि मंडल के मांग पत्र जारी करने पर 60 दिन में जमा करवानी होगी।

जीरो से २५ फीसदी तक छूट
योजना में जिले की विभिन्न आवासीय कॉलोनियों में निरस्त हुए 709 मकानों को शामिल किया गया है। इन्हें जीरो से 25 फीसदी तक कि छूट की श्रेणी में रखा गया है। इनमें तिलक नगर के सेक्टर 5 में उच्य आयवर्ग का एक आवास शामिल है।

प्रियदर्शिनी नगर
प्रियदर्शिनी नगर सुवाणा में आर्थिक दृष्टि से कमजोर आयवर्ग में 246, अल्प आय वर्ग में 208, मध्यम आयवर्ग में 110 आवास की दुबारा बिक्री होगी। रीको फ ोर्थ फेज में उच्च आयवर्ग के 5 आवास तथा पटेल नगर विस्तार में अल्प आयवर्ग के छह आवास, मध्यम आयवर्ग में सात आवास व उच्च आयवर्ग में छह डुप्लेक्स शामिल हैं। रायला आवासीय योजना में आर्थिक दृष्टि से कमजोर आयवर्ग में 72 आवास व अल्प आयवर्ग में 35 आवास की भी दुबारा नीलामी होगी। गुलाबपुरा आवासीय योजना में अल्प आयवर्ग के चार आवास व मध्यम आयवर्ग में नौ आवास भी नीलामी योजना में शामिल किए गए हैं।

पंजीयन प्रक्रिया 20 से
जिले में मंडल की आवासीय योजनाओं में 709 आवासों को नए सिरे से 25 फीसदी तक की छूट के साथ बेचने के लिए जगह-जगह प्रकिया से संबंधित फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं। कार्यालय में विशेष सेल गठित किया गया है।

संजय खरे, परियोजना अभियंता (वरिष्ठ) आवासन मंडल, भीलवाड़ा

जगी अच्छे दिन की आस
सुवाणा में करोड़ों की लागत से आठ साल पूर्व बसे प्रियदर्शनी नगर के अच्छे दिन आने की संभावना है। यहां नौ सौ आवंटित आवासों में अभी आधे से अधिक का आवंटन निरस्त हो चुका है। अन्य अधिकांश आवासों पर ताले जड़े हुए हैं। ये ताले भी आए दिन चोर तोड़ रहे हैं। यहां २०१२ में करीब दो सौ बीघा क्षेत्र में प्रियदर्शनी नगर योजना की नींव रखी गई थी। यहां १५ अक्टूबर २०१५ को लॉटरी से सात सौ आवास आवंटित किए गए। इसके दो वर्ष बाद दो सौ आवास और आवंटित किए गए।

नहीं मिली सुविधाएं
मंडल ने आवंटियों को यहां बसने के लिए सड़क, बिजली, पानी, नाली समेत अन्य सुविधाओं पर लाखों रुपए बहा दिया, लेकिन रखरखाव के प्रति गंभीर नहीं रहा। एेसे में लोग आवासों में रहने नहीं आए। कई कब्जे ही नहीं लिए। कुछ लोगों ने कब्जे लिए तो पहली किस्त ही जमा नहीं कराई। यहां ९०० में से ५६४ आवास कब्जा नहीं लेने, डिमांड राशि नहीं जमा कराने तथा पूरी राशि जमा नहीं कराने से निरस्त हो चुके हैं।