बड़ी लापरवाही: बीमारी की चपेट में आए बच्चों को दी अवधिपार दवाई, ग्रामीणों में आक्रोश

बांसवाडा/कुशलगढ़.
डूंगरीपाड़ा पंचायत के पलकपाड़ा गांव में एक ही बस्ती के नौ बच्चों के उपचार के दौरान सीएचसी कुशलगढ़ से अवधिपार दवाएं थमा दी गईं। इनके सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ और इसके उलट बीमारी और अधिक बढ़ गई।

सूचना पर चिकित्सा महकमे में हडक़ंप मच गया और चिकित्सका अधिकारी सहित चिकित्सकों का दल क्षेत्र में पहुंचा और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही अवधिपार दवा जब्त की गई। एहतियातन सभी 9 बच्चों को पुन: जांच के लिए कुशलगढ़ चिकित्सालय लाया गया। जहां से दो बच्चों को सर्दी जुकाम अधिक होने पर जांच व उपचार के लिए बांसवाडा रैफर किया गया।

मामले की जानकारी पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ पृथ्वीराज मीणा भी पलकपाड़ा पहुचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने मामले में जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए। जानकारी अनुसार बच्चे मौसमी बीमारी की चपेट में थे। इस पर शुक्रवार को इन्हें सीएचसी कुशलगढ़ ले जाया गया। यहां उपचार के पश्चात दी गई निशुल्क दवाओं में अवधिपार दवा भी इन बच्चों को दे दी गई। इससे बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ और मर्ज बढ़ गया। शनिवार को मामले की सूचना मिलते ही ब्लॉक चिकित्साधिकारी डॉ राजेन्द्र उज्जैनिया पलकपाड़ा पहुंचे और दवाओं की जांच की। इसमें सैफोडोक्सीमाइन टेबलेट्स अवधिपार मिली। उन्होंने वितरित दवा को पुन: वापस संग्रहित कवाया।

अवधिपार दवा वापस ली
डिप्टी सीएमएचओ शर्मा ने बताया कि दवा वापस एकत्र कर गहनता से जांच की गई। इसमें से अवधिपार टेबलेट्स को वापस लेकर नई टेबलेटस व सीरप उपलब्ध वितरित की गई है। अवधिपार दवाई का कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है। रविवार को सुबह कुशलगढ़ सीएचसी की फॉर्मेसी की जांच कर संबधित कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ब्लॉक चिकित्साधिकारी उज्जैनिया ने बताया कि संबंधित फार्मास्सिट को को नोटिस जारी कर दिया गया है।

गांव में सर्वे
शनिवार सुबह चिकित्सकों की टीम ने पलकपाडा पहुंचकर पीडि़त सहित अन्य बच्चों का स्वास्थ परीक्षण किया। साथ ही मेडिकल टीम को भेजकर गांव के प्रत्येक घर में सर्वे करवाया। फिलहाल कोई नया बीमार सामने नहीं आया है। बीमार बच्चों को आवश्यक दवाइयां दी गई।

ग्रामीण आक्रोशित,
मामले में अधिकारी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने चिकित्सा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए और हंगामा करने लगे। इस पर डॉ उज्जैयिा ने समझाइश की। इस बीच बांसवाड़ा से डीप्टी सीएमएचओ डॉ. रमेश शर्मा भी शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को लेकर पलकपाड़ा पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें भी खरी-खोटी सुनाई।