प्रधानाध्यापिका ने खोला राज- कविता पढऩी थी सुगना को, किस्मत से ‘नेहा वैष्णव‘ को मिल गया मौका

राजसमंद।

पन्नाधाय के बलिदान पर लिखी गई कविता के कुछ अंश ने नेहा वैष्णव को खासी ख्याति दिलाई। उसका मेवाड़ गौरव के रूप में जगह-जगह सम्मान हो रहा है और होना भी चाहिए, क्योंकि काव्यपाठ के दौरान अभिनय एवं आवाज की गम्भीरता ने बलिदान की गाथा को जीवंत कर दिया था। चौंकाने वाला सच यह है कि नेहा को काबिलियत दिखाने का मौका किस्मत ने दिया।

कस्तूर बा गांधी आवासीय विद्यालय (केजीबीवी), रेलमगरा की प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी रेगर ने यह खुलासा करते हुए बताया कि संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में कविता पाठ नेहा वैष्णव को नहीं, बल्कि सुगना कंवर को करना था, लेकिन प्रतियोगिता से कुछ दिन पहले ही सुगना के गले में समस्या हो गई। चिकित्सक ने उसे गाना गाने से पूरी तरह मना कर दिया जबकि सुगना पिछली बार काव्य पाठ में राज्य स्तर पर अव्वल रही थी। ऐसे में आनन-फानन में यह पाठ नेहा को दिया गया। नेहा ने इस मौके को पूरी तरह भुनाते हुए जी-जान से मेहनत की और पांच-छह दिन के अभ्यास के बाद उसने सागवाड़ा में सम्पन्न केजीबीवी की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में काव्यपाठ किया जिसका वीडियो वायरल हो गया।

पन्नाधाय के त्याग और बलिदान से ओत-प्रोत कविता को प्रदेश सहित देशभर में खूब सराहा जा रहा है, जिसके चलते कविता को पसंद करने वालों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। अब तक यह काव्य पाठ 13 लाख से ज्यादा लोगों ने पसंद किया है।

इसलिए मिला नेहा को मौका
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि जब सुगना का गला खराब हो गया और प्रतियोगिता में चंद दिन ही बचे थे। नेहा ने एक बार दरीबा में विधिक चेतना शिविर में इसी कविता का पाठ किया था, जिससे हमें पता था कि नेहा इसका अभ्यास जल्दी कर सकती है। इसलिए हमने नेहा को ही चुन लिया।

13 लाख लाइक्स मिले
पन्नाधाय के त्याग और बलिदान से ओत-प्रोत कविता को प्रदेश सहित देशभर में खूब सराहा जा रहा है, जिसके चलते कविता को पसंद करने वालों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। अब तक यह काव्य पाठ 13 लाख से ज्यादा लोगों ने पसंद किया है।

एक लाख रुपए का चेक सौंपा
पत्रिका डॉट कॉम की खबर के बाद सुर्खियों में आई नेहा वैष्णव को शनिवार को गोगाथला निवासी हाल मुकाम मेघाखेड़ा महावीरसिंह चुंडावत व जयपुर के लालासर निवासी विजयसिंह शेखावत की ओर से 1 लाख का चेक सौंपा गया।