पुराने शुल्क में ही मिलेगी मरीजों को ई-अस्पताल की सेवाएं

मंदसौर.
जिला अस्पताल 8 दिन के भीतर ई-अस्पताल की श्रेणी में आ जाएगा। इसके लिए विभाग ने टेंडर भी जारी कर दिए है। जिस पर एक सितबंर से काम शुरु होगा। स्वास्थ्य अधिकारियों की माने तो सितबंर के पहले सप्ताह में ही ई-अस्पताल की सेवाएं शुरु हो जाएगी। इन सेवाओं के लिए अस्पताल प्रबंधन ने कोई शुल्क भी नहीं बढ़ाया है। ओपीडी और आईपीडी मेंं मरीजों के लिए शुल्क वृद्धि नहीं की गई है।

दिल्ली और भोपाल से सीधा जुड़ेगा अस्पताल
जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार ई-अस्पताल के तहत सेंट्रलाइजेशन सिस्टम किया जाएगा। यह सिस्टम भोपाल और दिल्ली तक जुड़ा रहेगा। इसके लिए साफ्ट वेयर की मदद ली जाएगी। इसमें ओपीडी, आईपीडी, डिस्जार्च सहित अन्य विभाग ऑनलाइन किए जाएंगे। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक सेंट्रलाइजेशन सिस्टम होने के बाद ओपीडी और आईपीडी का शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा। पहले की तरह ही ओपीडी के5 रूपए और आईपीडी 25 रूपए शुल्क ही रहेगा। इससे मरीजों पर अतिरिक्त भार नहीं डाला जाएगा।

मिलेगी मरीजों को यूनिक आईडी
जानकारी के अनुसार इसमें प्रत्येक मरीज को एक यूनिक आईडी दी जाएगी। और ओपीडी पर्ची पर उसका मोबाइल नंबर भी लिखा जाएगा। यूनिक आईडी से किसी भी सरकारी अस्पताल में मरीज जाता है तो उसकी तत्काल केस हिस्ट्री सामने आ जाएगी। ताकि उस अस्पताल के डॉक्टर को पूरी जानकारी मिल जाए। वही मरीज के मोबाइल नंबर से सुविधााओं के बारे में पूछा जाएगा। और कभी भी आलाअधिकारी सीधे अस्पताल की मरीजों की स्थिति देख सकते है।

अधिकारियों ने भरी अगले माह आने की हां
करीब एक साल से जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के पास १० लाख रूपए की लागत से बनी ब्लड सेपरेटर यूनिट शुरु होने का इंतजार कर रही है। यह इंतजार सितबंर माह में खत्म होने के संके त स्वास्थ्य अधिकारियों को मिले है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने हाल ही में मुंबई के ड्रग कंट्रोलर का फिर से निरीक्षण करने के लिए लिखा। उसके बाद टेलीफोनिक चर्चा हुई। इसमें ड्रग कंट्रोलर के अधिकारियों ने सितबंर माह में निरीक्षण करने के लिए स्वीकृति दी है। जिसके बाद यूनिट शुरु हो जाएगी।

इनका कहना…
ई-अस्पताल में टेंडर निकाल दिए गए है। सितबंर के पहले सप्ताह में सेवा शुरु हो जाएगी। ड्रग कंट्रोलर के अधिकारियों ने सितबंर माह में निरीक्षण के लिए स्वीकृति दी है।
डॉ सौरभ मंडवारिया, आरएमओ जिला अस्पताल।