पुराने अधिकारी चले गए तो क्यों खाली हो गए पद


चित्तौैडग़ढ़. राज्य सरकार ने स्थानान्तरण आदेश निकाला तो पुराने अधिकारी नई कुर्सी संभालने चल पड़े लेकिन उनके स्थान पर जिन अधिकारियों को लगाया गया वो काम संभालने अब तक आए ही नहीं। ऐसे में पहले ही अधिकारियों की कमी से जूझ रहे प्रशासनिक तंत्र की मुश्किले बढ़ गई और असर समस्याएं लेकर आने वाले आमजन पर भी पड़ा है। कार्मिक विभाग ने १३ सितम्बर को जारी आरएएस अधिकारियों की तबादला सूची में चित्तौडग़ढ़ के अतिरिक्त जिला कलक्टर (भूमि अवाप्ति) विनयकुमार पाठक का स्थानान्तरण उदयपुर नगर विकास न्यास विशेषाधिकारी पद पर किया था। पाठक के स्थान पर डूंगरपुर में अतिरिक्त जिला कलक्टर पुष्पेन्द्रसिंह शेखावत को लगाया गया था। पाठक तो कुछ दिन बाद ही नए पद पर चले गए लेकिन उनके जाने के करीब एक पखवाड़े बाद भी शेखावत के यहां कार्य नहीं संभालने से फिलहाल इस पद का अतिरिक्त दायित्व जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नम्रता वृष्णि को दिया हुआ है। इसी तरह की स्थिति नगर परिषद में बन गई है। पिछले सप्ताह स्वायत शासन विभाग ने यहां कार्यरत आयुक्त नारायणलाल मीणा का स्थानान्तरण इसी पद पर भीलवाड़ा नगर परिषद में कर दिया था। उनके स्थान पर भीलवाड़ा परिषद आयुक्त दुर्गाकुमारी को लगाया गया था। मीणा ने तो अगले ही दिन भीलवाड़ा परिषद में आयुक्त का कार्यभार संभाल लिया लेकिन वहां से कार्यमुक्त हुई दुर्गाकुमारी ने चित्तौडग़ढ़ परिषद में बुधवार तक कार्यभार नहीं संभाला था। ऐसे में आयुक्त पद का अतिरिक्त कार्यभार फिलहाल नगर परिषद अधिशासी अभियन्ता सूर्यप्रकाश संचेती को दिया हुआ है। ऐसे में परिषद के कामकाज पर असर पड़ रहा है।

आना ही नहीं चाहते अधिकारी
प्रशासनिक हलके में ऐसी चर्चा है कि चित्तौडग़ढ़ जिले में कुछ पदों पर अधिकारी कार्य करने के लिए उत्सुक ही नहंीं दिख रहे है। इसके चलते स्थानान्तरण होने के बावजूद वे नया कार्य दायित्व संभालने के प्रति उत्सुकता नहीं दिखा रहे है। ऐसे में रिक्त पदों की समस्या गहरा रही है। दुर्गाकुमारी व शेखावत के अब तक यहां पद संभालने नहीं आने से चर्चा है कि वे यहां आने के लिए अधिक इच्छुक नहीं है।