पानी के उच्चतम उपयोग की तकनीक को सीखना होगा-कलक्टर

प्रतापगढ़. जलशक्ति अभियान के तहत जिले की चयनित चार पंचायत समितियों में काश्तकारों को पानी की बूंद-बूंद बचाने एवं संरक्षण के लिए किसान मेले एवं गोष्ठी का आयोजन बगवास स्थित कृषि उपज मण्डी परिसर में गुरुवार को हुआ। किसान मेले में 8 75 कृषकों ने भाग लिया। इस अवसर पर जिला कलक्टर श्यामसिंह राजपुरोहित ने कहा कि प्रतापगढ़ जिले में राज्यभर में सर्वाधिक वर्षा हो चुकी है। यहां वर्षा जल के संरक्षण के लिए अभियान के तहत विभिन्न तकनीक से खेती करने एवं कम पानी से अधिक पैदावार लेने की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है। वे सभी जागरूक रहें एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जागरूक रहकर लाभ लें और आर्थिक रूप से सम्बल बनें। उन्होंने कहा कि खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में रहे ऐसे कार्य लिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी के उच्चतम उपयोग की तकनीक सीखनी होगी एवं पानी का संरक्षण करना होगा। समारोह में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. वीसी गर्ग ने जल शक्ति अभियान के तहत विभिन्न ब्लॉक मुख्यालयों पर आयोजित हुए किसान सम्मेलन की जानकारी दी। आत्मा योजना के तहत खरीफ कृषक मेले एवं कृषक गोष्ठी में कृषकों से जल बचत एवं कृषि फसल जल प्रबंधन पर उन्नत जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई। मेले में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका), सृजन सेवा संस्थान, पशुपालन विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिको ने जानकारी दी। इस अवसर पर आत्मा के उप निदेशक कृषि डॉ. पीके अग्रवाल, सहायक निदेशक कृषि ख्यालीलाल खटीक, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक लालमणी त्रिपाटी, कृषि अधिकारी सम्पतराम मीणा, सहायक कृषि अधिकारी शिवनारायण व्यास, सहायक निदेशक कृषि (सांख्यिकी) गोपालनाथ योगी, कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. योगेश कनोजिया, जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश पारिक आदि अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं एवं तकनिको की जानकारी दी। इस अवसर पर अधिकारी एवं कर्मचारी सहित ग्रामीण महिला एवं पुरूष आदि उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया एवं महिला एवं पुरूष काश्तकारों को विभिन्न उन्नत तकनीको से खेती करने की जानकारी दी गई। मंच का संचालन रमेश कुमार डामोर ने किया। इस अवसर पर राजीविका की महिलाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया एवं जल शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को पौधा वितरण भी किया।