पांच साल में मलेरिया केस में आई कमी, इस साल एक भी नहीं

भीलवाड़ा।

Malaria case चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के चिकित्सा अधिकारियों को वर्षाजनित बीमारियों को लेकर सतर्क रहने को कहा है। बारिश में मलेरिया व वायरल, खासी-जुखाम के रोगी बढऩे की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि पिछले पांच साल के आकंड़ों पर नजर डाले तो मलेरिया पॉजिटिव केस में कमी आई है।

https://www.patrika.com/bangalore-news/no-case-of-malaria-has-been-found-in-mysoreu-in-last-two-years-4490429/

Malaria case एसीएमएचओ घनश्याम चावला ने बताया कि बारिश के मौसम व बाद में मच्छर ज्यादा होते हैं। थोडी सावधानी से नियंत्रण पाया जा सकता है। मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अभियान चलाएंगे। जिले में २५ फोगिंग मशीन से संभावित क्षेत्रों में फोगिंग कराई जा रही है। जिले में हर सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर एक-एक फोगिंग मशीन की डीएमएफटी से खरीद का प्रस्ताव भेजा गया है।

जिले में पांच साल एंटी लार्वा गतिविधियों से मलेरिया मरीजों में कमी आई। जिले में वर्ष २०१९ में अब तक १ लाख ७१, ५०९ ब्लड स्लाइड एकत्र की। इनमें एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला। वर्ष २०१५ में ३ लाख ६४,४२० ब्लड स्लाइड में ४०४ को पीवी (प्लाजमोडियम) तथा ४७ पीएफ (प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम) चिन्हित किए गए। 2016 में ४८३ पीवी व २७ पीएफ , वर्ष 2017 में १०८ पीवी व ४ पीएफ एवं 2018 में ७० पीवी व २ पीएफ चिन्हित किए गए।

यह है उपाय
बारिश में मच्छरों से बचने के लिए उन्हें नए अंडे देने से रोकने के लिए घर के सभी कंटेनर ढककर रखें। पानी के टैंक, कंटेनर, कूलर, पक्षियों और पालतू जानवरों के पीने के बर्तन, पौधेयुक्त गमले आदि को एक बार खाली कर सुखाएं। बिना उपयोगी वस्तुएं खुले स्थान से हटाएं।